सीजी भास्कर, 04 मई। नगर निगम भिलाई में कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन सोमवार को हंगामेदार हो गया। निगम कार्यालय के घेराव के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक पार्षद का भाषण बीच में ही माइक बंद कर दिया गया। (Uproar in Bhilai Corporation siege)

आपको बता दें कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए घेराव किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसी दौरान जब पार्षद संतोष मोर्य निगम आयुक्त राजीव पांडेय के खिलाफ बोल रहे थे, तब मंच पर मौजूद नेताओं द्वारा उनका माइक बंद कर दिया गया। हालांकि कुछ देर बाद उन्हें दोबारा बोलने का मौका दिया गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी बात पूरी की।

माइक बंद होने के मामले पर पार्षद संतोष मोर्य ने सफाई देते हुए कहा कि तकनीकी दिक्कत के कारण ऐसा हुआ। वहीं यह भी सामने आया कि एक दिन पहले हुई पार्टी बैठक में आयुक्त के खिलाफ बोलने से मना किया गया था, जिसका उन्होंने विरोध भी जताया था।

निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप : Uproar in Bhilai Corporation siege
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने महापौर नीरज पाल और निगम आयुक्त राजीव पांडेय पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में वित्तीय अनियमितताएं और अपारदर्शिता बढ़ रही है।
उनका आरोप है कि शिक्षा उपकर निधि, 1248 भूखंडों की नीलामी और अन्य आर्थिक मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
बिना अनुमति नीलामी और प्रस्तावों की अनदेखी का मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने संजय नगर तालाब के पास स्थित व्यावसायिक भूमि के बिना अनुमति आबंटन का भी मुद्दा उठाया। साथ ही निगम की सामान्य सभा में पारित प्रस्तावों के विपरीत किए जा रहे कार्यों पर सवाल खड़े किए।
पानी और सफाई व्यवस्था पर भी घेरा
भीषण गर्मी में शहर में पेयजल संकट और सफाई व्यवस्था को लेकर भी भाजपा ने निगम को घेरा। नेताओं का कहना है कि कई क्षेत्रों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और कचरा प्रबंधन की स्थिति भी खराब है। (Uproar in Bhilai Corporation siege)
प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी रामजी भारती और जिला अध्यक्ष पुरषोत्तम देवांगन सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। भाजपा नेताओं ने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।

