सीजी भास्कर, 04 मई : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू के बीच मौसम विभाग (Chhattisgarh Weather Alert) ने बड़ी राहत की खबर दी है। प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने राज्य के सभी संभागों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। रविवार को राजनांदगांव में पारा 44°C तक पहुंचने के बाद अब मौसम में यह बदलाव लोगों को चिलचिलाती धूप से निजात दिलाएगा।
कल से बढ़ेगी वेदर एक्टिविटी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 5 मई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आएगी। पश्चिमी विक्षोभ और नमी वाली हवाओं के प्रभाव से उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम का असर ज्यादा दिखेगा। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि कुछ संवेदनशील इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
तापमान में आएगी भारी गिरावट
पिछले 24 घंटों की बात करें तो उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि आगामी 24 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट का दौर शुरू होगा। अगले पांच दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
रायपुर और राजनांदगांव का हाल
राजधानी रायपुर में आज सुबह से ही बादलों (Chhattisgarh Weather Alert) की आवाजाही जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शहर में आज शाम तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर का अधिकतम तापमान 42°C और न्यूनतम 27°C रहने की संभावना है। वहीं, रविवार को राजनांदगांव 44°C के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बस्तर के जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 21.3°C रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम था।
कृषि और स्वास्थ्य पर असर
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटी हुई फसलों और मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। साथ ही, अचानक तापमान गिरने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए डॉक्टरों ने खान-पान पर विशेष ध्यान देने को कहा है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि गरज-चमक के समय ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें।


