सीजी भास्कर, 10 मई । बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही में 23 अप्रैल की दरमियानी रात्रि में हुए बहुचर्चित गोलीकांड को 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है. लेकिन पुलिस अब तक किसी भी आरोपी तक पहुंचने में सफल नहीं हो सकी है. ऐसे में पीड़ित परिवार में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है I (Karahi firing incident)
जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के सीमावर्ती गांव करही में 24-25 अप्रैल की दरमियानी रात कांग्रेस नेता एवं व्यापारी सम्मे लाल कश्यप के घर में घुसकर तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने आयुष के ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. गोली आयुष के सीने और सिर में लगी. जिससे उसकी मौत हो गई. इसी बीच बचाव करने आए उसके छोटे भाई आशुतोष कश्यप को भी बदमाशों ने फायरिंग कर घायल कर दिया. इसके बाद नकाबपोश वहां से भाग निकले.
वारदात के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच शुरू करने का दावा किया था. दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई. सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. कॉल डिटेल की जांच हुई. सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन 15 दिन बाद भी नतीजा शून्य है. (Karahi firing incident)
इधर पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लिए अब नेताओं और अफसरों से फरियाद करते फिर रहा है. उन्होंने बिलासपुर रेंज आई जी और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की है. परिवार ने बिलासपुर जाकर पुलिस महानिरीक्षक से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. वही जांजगीर में कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है. इसके अलावा बालेश्वर साहू विधायक जैजैपुर से भी मिलकर आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की है. मामले में जांजगीर-चाम्पा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने भी पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है. इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है.


