सीजी भास्कर, 10 मई : छत्तीसगढ़ की बेटी सुष्मिता सिंह (UPSC IFS Topper Sushmita Singh) ने संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय वन सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। यूपीएससी द्वारा जारी अंतिम चयन सूची में सुष्मिता सिंह ने पूरे देश में 32वीं रैंक हासिल कर भारतीय वन सेवा में जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि से भिलाई समेत पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल है।
राजनांदगांव में पली-बढ़ीं और वर्तमान में भिलाई में रहने वाली सुष्मिता सिंह (UPSC IFS Topper Sushmita Singh) की प्रारंभिक शिक्षा जेएमजे नवजीवन स्कूल और रॉयल किड्स स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने भिलाई के डीपीएस रिसाली और बिलासपुर के शिक्षण संस्थानों से आगे की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने देहरादून स्थित यूपीईएस विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की।

नौकरी छोड़कर शुरू की थी तैयारी
बीटेक पूरा करने के बाद सुष्मिता ने कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरी भी की, लेकिन प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। लगातार मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की।
परिवार से मिला मार्गदर्शन
सुष्मिता सिंह (UPSC IFS Topper Sushmita Singh) का परिवार भी वन सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता बीपी सिंह भारतीय वन सेवा के अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने दुर्ग सहित कई जिलों में वन विभाग में एसडीओ के रूप में सेवाएं दीं और मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। सुष्मिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां की प्रेरणा, पिता के मार्गदर्शन और पूरे परिवार के सहयोग को दिया है।
युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
सुष्मिता का कहना है कि सफलता के लिए निरंतर मेहनत, धैर्य और मजबूत इरादे बेहद जरूरी हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि 11वीं और 12वीं की एनसीईआरटी की किताबों से बेसिक्स मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा पैटर्न समझने के लिए पिछले 10 से 15 वर्षों के प्रश्नपत्र जरूर हल करने चाहिए। साथ ही करेंट अफेयर्स के लिए अखबार, किताबें और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री का नियमित अध्ययन जरूरी है।
छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
सुष्मिता सिंह की इस उपलब्धि ने भिलाई और पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई प्रेरणा दी है। सोशल मीडिया से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक लोग उनकी सफलता की चर्चा कर रहे हैं।


