सीजी भास्कर, 14 मई : महतारी वंदन योजना (CSC ID Blocked Mahasamund) के तहत ई-केवायसी (e-KYC) के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली करने वाले सेंटर संचालकों पर प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। महासमुंद जिले में हितग्राहियों से शुल्क मांगने की शिकायत सही पाए जाने पर 4 सीएससी (CSC) संचालकों की आईडी तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दी गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ केंद्रों पर ई-केवायसी के लिए पैसों की मांग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर रायपुर की टीम ने जांच की। जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि योजना के तहत ई-केवायसी पूरी तरह निःशुल्क है।
इन संचालकों पर गिरी गाज
जिन केंद्रों की आईडी बंद (CSC ID Blocked Mahasamund) की गई है, उनमें सरायपाली क्षेत्र के परशुराम रात्रे, राजू बरिहा और नरहरि कुमार के साथ-साथ बसना क्षेत्र की वृंदावती भोई शामिल हैं। इन सभी पर सरकारी काम के बदले हितग्राहियों से राशि वसूलने का आरोप है।
प्रशासन की अपील: न दें एक भी रुपया
प्रशासन ने नागरिकों और महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी ग्राम पंचायत, वार्ड या सीएससी सेंटर पर ई-केवायसी के लिए शुल्क न दें। यदि कोई राशि की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि हितग्राहियों का शोषण करने वाले किसी भी केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



