CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Cheetal Death  : चीतलों की मौत पर वन विभाग का दावा, शिकार नहीं, आवारा कुत्तों की वजह से जा रही जान

Cheetal Death  : चीतलों की मौत पर वन विभाग का दावा, शिकार नहीं, आवारा कुत्तों की वजह से जा रही जान

By Newsdesk Admin
14/05/2026
Share
Cheetal Death 
Cheetal Death 

सीजी भास्कर, 14 मई : बिलासपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीपत, सोंठी और खोन्द्रा क्षेत्रों में पिछले कुछ समय में हुई चीतलों (Cheetal Death) की मौत के मामले में वन विभाग ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, चीतलों की मृत्यु के पीछे किसी भी तरह का अवैध शिकार या मानवीय साजिश नहीं है। इन वन्यप्राणियों की जान मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों के आवारा कुत्तों के जानलेवा हमले के कारण जा रही है।

Contents
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ सच का खुलासा
  • आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने कलेक्टर को पत्र
  • रात में गश्त और ग्रामीणों का मिल रहा सहयोग
  • जल संकट दूर करने जंगलों में बनेंगे नए तालाब

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ सच का खुलासा

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 9 महीनों के भीतर बिलासपुर वन परिक्षेत्र में कुल 5 चीतलों (Cheetal Death) की मृत्यु दर्ज की गई है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर शिकार की आशंकाओं को खारिज करते हुए विभाग ने कहा कि नियमानुसार सभी मृत चीतलों का पोस्टमार्टम कराया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों से यह साफ हो गया है कि किसी भी चीतल के शरीर पर बंदूक की गोली, फंदा (करंट) या किसी धारदार हथियार से प्रहार किए जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। जांच और डॉक्टरों की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि कुत्तों के झुंड द्वारा बुरी तरह काटे जाने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण ही चीतलों की असमय मृत्यु हुई है।

आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने कलेक्टर को पत्र

इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए वन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। वन विभाग की ओर से बिलासपुर कलेक्टर को एक औपचारिक पत्र लिखा गया है, जिसमें सीपत, सोंठी और खोन्द्रा परिक्षेत्र से लगे ग्रामीण इलाकों के आवारा कुत्तों की नसबंदी (Sterilization) करने और उन्हें रेबीज का टीका लगाने का विशेष अनुरोध किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण और उनके हिंसक व्यवहार को कम करके ही जंगलों से भटककर बाहर आने वाले शाकाहारी वन्यजीवों को बचाया जा सकता है।

रात में गश्त और ग्रामीणों का मिल रहा सहयोग

वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। जंगलों के भीतर और मैदानी इलाकों में नाइट पेट्रोलिंग (रात्रि गश्त) बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही ‘एंटी स्नेयर वॉक’ (शिकारियों के फंदे खोजना) और निरंतर बीट जांच की जा रही है। इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय ग्राम वन समितियों के सदस्य सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।

विभाग ने यह भी साफ किया है कि पिछले एक साल में क्षेत्र के भीतर वन्यजीवों के शिकार का एक भी मामला सामने नहीं आया है। बीती 11 मई को खोन्द्रा क्षेत्र के ग्रामीणों और वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में भी स्थानीय निवासियों ने शिकार की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताया है।

जल संकट दूर करने जंगलों में बनेंगे नए तालाब

भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी की तलाश में वन्यप्राणी (Cheetal Death) अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं, जहां वे आवारा कुत्तों का शिकार बन जाते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए वन विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। वन्यप्राणियों के लिए वनों के भीतर ही पर्याप्त पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर नए तालाबों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजा गया है। विभाग का कहना है कि बजट की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होते ही तालाबों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा, ताकि वन्यजीवों को जंगल के भीतर ही पानी मिल सके और उन्हें बाहर न आना पड़े।

 

 

Woman kidnapped for the lure of retirement money : पुराना ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड, 2 गिरफ्तार
PTRSU jaundice outbreak probe: नवीन कन्या छात्रावास में पीलिया, तीन सदस्यीय कमेटी गठित
कोदो की रोटी खाने से जान पर बन आई, एक ही परिवार के तीन बीमार, दो की हालत गंभीर, हाथियों के बाद इंसानों में पहुंचा कोदो का वायरस
NEET PG Rule Change: ₹25 लाख की NOC शर्त पर बढ़ा विवाद, छात्रों की आवाज़ के बाद सरकार झुकी…
Bijapur Naxal Operation : बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, 6 नक्सली स्मारक ध्वस्त, ताड़पाला हिल्स से IED समेत भारी विस्फोटक बरामद
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Construction Irregularities
Construction Irregularities : विधानसभा में विधायक रिकेश के अतारांकित प्रश्न से हड़कंप…! भिलाई निगम को लेकर…..?

Construction Irregularities : भिलाई नगर निगम वार्ड-22 कुरूद…

Rajnandgaon land fraud : सस्ती जमीन का झांसा देकर 3.50 लाख की ठगी

Rajnandgaon land fraud

Rajnandgaon coaching centre safety check : फायर सेफ्टी समेत सुरक्षा मानकों की जांच

Rajnandgaon coaching centre safety check

Korba elephant attack : कटघोरा में हाथी के हमले से ग्रामीण की दर्दनाक मौत, 18 हाथियों के दल से दहशत

Korba elephant attack

Raigarh snake rescue : कोबरा, रसेल वाइपर और करैत को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया

Raigarh snake rescue

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?