सीजी भास्कर, 14 मई : भीषण गर्मी के इस दौर में छत्तीसगढ़ के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के बड़े और मध्यम जलाशयों (Reservoir Water Level 2026) में वर्तमान में पानी का भंडारण पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में है। जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में कुल 56 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष इसी अवधि में दर्ज 28.47 प्रतिशत और वर्ष 2024 के 34.64 प्रतिशत की तुलना में लगभग दोगुना है।
बड़े जलाशयों की स्थिति मजबूत
आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 12 बड़े जलाशयों में इस समय 57.44 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। पिछले साल इस अवधि में इन जलाशयों में केवल 34.76 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 27.17 प्रतिशत जलभराव था। प्रदेश के सबसे बड़े जलाशयों (Reservoir Water Level 2026) में शामिल कोरबा जिले के मिनीमाता बांगो जलाशय में वर्तमान में 57.37 प्रतिशत पानी मौजूद है। वहीं धमतरी जिले के रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल) में 51.50 प्रतिशत और दूधावा जलाशय में लगभग 79 प्रतिशत जल का विशाल भंडार मौजूद है।
मध्यम जलाशयों में भी भरपूर पानी Reservoir Water Level 2026
इसी तरह प्रदेश के 34 मध्यम जलाशयों में वर्तमान जलभराव 48.34 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो बीते वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है। राज्य के कई मध्यम जलाशयों में जल उपलब्धता की स्थिति बेहद संतोषजनक है। इनमें पिपरिया नाला जलाशय में 84 प्रतिशत, खापरी जलाशय में 92 प्रतिशत तथा छिरपानी जलाशय में 82 प्रतिशत से अधिक पानी उपलब्ध है।
पेयजल और सिंचाई संकट टला
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई और पेयजल जलाशयों में इस बार पर्याप्त जल उपलब्धता है। इस बेहतर स्थिति की वजह से आने वाले दिनों में न तो प्रदेश के शहरों और गांवों में पेयजल की किल्लत होगी और न ही किसानों के लिए सिंचाई की जलापूर्ति प्रभावित होगी। यह जल भंडारण आगामी मानसून के आने तक राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।



