सीजी भास्कर, 14 मई : खरीफ सीजन से पहले छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों (Mahasamund Urea Fertilizer FIR) को खाद की सुचारू और पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। खाद वितरण में लापरवाही और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार के कड़े रुख के बाद, महासमुंद जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। यूरिया वितरण में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर जिले के 4 प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
इन फर्मों पर गिरेगी गाज
उप संचालक कृषि एफआर कश्यप ने बागबाहरा और सरायपाली के उर्वरक निरीक्षकों को संबंधित फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जिन विक्रेताओं पर कार्रवाई की जा रही है, उनमें शामिल हैं कि मेसर्स राजेश अग्रवाल (सरायपाली), मेसर्स ओम फर्टिलाइजर (सरायपाली), आरएस ट्रेडर्स (बागबाहरा), जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स (सुनसुनिया) पर एफआइआर (Mahasamund Urea Fertilizer FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पास मशीन के बिना वितरण का खेल
जांच में सामने आया कि इन फर्मों ने 16 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच नियमों को ताक पर रखकर यूरिया का वितरण किया था। इससे पहले भी जिले के 26 निजी खाद विक्रेताओं के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित किए जा चुके हैं। कलेक्टर विनय लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में उर्वरक का वितरण अनिवार्य रूप से पॉस (PoS) मशीन के माध्यम से ही किया जाए, ताकि हर बोरी का हिसाब पारदर्शी रहे।
Mahasamund Urea Fertilizer FIR बिना बिल न लें खाद
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी जमीन के रकबे के हिसाब से ही खाद की खरीदी करें और दुकानदार से पक्का बिल जरूर मांगें। यदि कोई निजी विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया, डीएपी या अन्य खाद बेचता है, तो इसकी शिकायत तत्काल संबंधित विकासखंड के अनुविभागीय अधिकारी (SDM), तहसीलदार या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से करें। शासन की इस सख्ती का उद्देश्य बिचौलियों के प्रभाव को खत्म कर सीधे किसानों को लाभ पहुंचाना है।



