सीजी भास्कर, 14 मई। दिल्ली में गुरुवार को शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मामले में उस समय हलचल (Robert Vadra) बढ़ गई जब रॉबर्ट वाड्रा को अदालत से तत्काल राहत नहीं मिल सकी। सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर टिकी हुई थी। अदालत के फैसले के बाद अब मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी अपनी दलीलें रखीं। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से याचिका का विरोध किया गया, जबकि रॉबर्ट वाड्रा की तरफ से समन को चुनौती देते हुए कई कानूनी तर्क दिए गए। फिलहाल अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
हाईकोर्ट ने तुरंत राहत देने से किया इनकार : Robert Vadra
Robert Vadra ने ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। लेकिन सुनवाई के दौरान उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 18 मई तय की है। वहीं ट्रायल कोर्ट के समन के मुताबिक उन्हें 16 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होना होगा।
ईडी ने किया याचिका का विरोध
सुनवाई के दौरान Enforcement Directorate ने वाड्रा की याचिका का विरोध (Robert Vadra) किया। जांच एजेंसी की ओर से कहा गया कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कुछ तथ्यों को छिपाया गया है। एजेंसी ने अदालत में अपनी दलील रखते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की।
वाड्रा की तरफ से दी गई दलील
रॉबर्ट वाड्रा की ओर से अदालत में कहा गया कि जिन आधारों पर उनके खिलाफ धन शोधन कानून लगाया गया, वे प्रावधान कथित घटना के काफी समय बाद जोड़े गए थे। उनकी तरफ से यह भी कहा गया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया और समय को लेकर कई सवाल मौजूद हैं।
क्या है पूरा जमीन सौदा मामला
शिकोहपुर जमीन सौदे का मामला गुरुग्राम में दर्ज एक प्राथमिकी (Robert Vadra) से जुड़ा है। आरोप है कि जमीन की खरीद में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि व्यावसायिक लाइसेंस हासिल करने के लिए प्रभाव का गलत उपयोग किया गया। जांच एजेंसी ने इस मामले में कई लोगों और कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
कई नाम शामिल
चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा कई अन्य लोगों और कंपनियों के नाम भी शामिल बताए गए हैं। जांच एजेंसियां मामले की अलग अलग पहलुओं से पड़ताल कर रही हैं। अब सबकी नजर 16 मई और उसके बाद होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।



