सीजी भास्कर, 15 मई।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बड़ा भूचाल आ गया है। OpenAI एक नए कानूनी विवाद में घिर गया है। अमेरिका की कैलिफोर्निया फेडरल कोर्ट में दायर क्लास एक्शन मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने ChatGPT इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की निजी जानकारी कथित तौर पर Google और Meta Platforms जैसी कंपनियों तक पहुंचाई। (The big question of privacy on ChatGPT)
शिकायत में दावा किया गया है कि इसमें यूजर्स की क्वेरी, ईमेल एड्रेस और अन्य निजी डाटा शामिल हो सकता है.
ट्रैकिंग टूल्स के जरिए डाटा कलेक्शन का आरोप : The big question of privacy on ChatGPT
मुकदमे में कहा गया है कि ChatGPT वेबसाइट पर कथित तौर पर Meta Pixel और Google Analytics जैसे ट्रैकिंग टूल्स लगाए गए थे। शिकायत के मुताबिक, जैसे ही यूजर वेबसाइट पर गतिविधि करता था, उसकी जानकारी ऑटोमैटिक तरीके से रिकॉर्ड होकर थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच सकती थी। आरोप है कि यह प्रक्रिया यूजर्स की स्पष्ट जानकारी या सहमति के बिना हुई।
निजी सवाल भी हो सकते हैं प्रभावित
मुकदमे में कहा गया है कि कई यूजर्स ChatGPT को एक निजी और सुरक्षित प्लेटफॉर्म मानकर मेडिकल, कानूनी, आर्थिक और व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े सवाल पूछते हैं। ऐसे में अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह AI इंडस्ट्री में प्राइवेसी से जुड़ा बड़ा मामला बन सकता है।
किन कानूनों के उल्लंघन का दावा?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि OpenAI ने अमेरिकी प्राइवेसी कानूनों—Electronic Communications Privacy Act और California privacy laws—का उल्लंघन किया हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से हर्जाना दिलाने और कथित डाटा शेयरिंग प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है। (The big question of privacy on ChatGPT)
OpenAI की तरफ से अब तक नहीं आया आधिकारिक जवाब
मामला सामने आने के बाद AI प्लेटफॉर्म्स की डाटा सिक्योरिटी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। फिलहाल OpenAI की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अभी अदालत में है और आरोपों की जांच जारी है।



