सीजी भास्कर, 15 मई : छत्तीसगढ़ ने विकास और सुशासन की दिशा (High Performer Chhattisgarh) में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी LEADS 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य का दर्जा दिया गया है। यह रैंकिंग राज्य में सुदृढ़ होती अधोसंरचना, बेहतर सड़क नेटवर्क, तीव्र परिवहन और कुशल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का परिणाम है।
आम जन और उद्योगों के लिए सुगम हुआ रास्ता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि (High Performer Chhattisgarh) पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मूल उद्देश्य केवल उद्योगों का विकास ही नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन को सुगम बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिल रहा है, जिनकी उपज अब समय पर बाजार तक पहुंच रही है। साथ ही, मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था से व्यापार में तेजी आई है और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुले हैं।
लॉजिस्टिक्स नीति 2025 : निवेश और व्यापार को नई ऊर्जा
राज्य की इस सफलता के पीछे नई ‘लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ की बड़ी भूमिका है।
परिवहन लागत में कमी : माल ढुलाई को सस्ता और तेज बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उद्योग का दर्जा : लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग को उद्योग का दर्जा देने से निवेश की नई संभावनाएं बनी हैं।
सिंगल विंडो सिस्टम : ‘OneClick Single Window Portal’ के माध्यम से उद्योगों के लिए अनुमति प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है।
शहरों का व्यवस्थित विकास और सुशासन (High Performer Chhattisgarh)
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाभ मिल रहा है। रायपुर के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया ‘सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान’ शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और माल परिवहन को व्यवस्थित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए एक नई पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित होने से छत्तीसगढ़ अब देश के उभरते औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है।
कुल मिलाकर, LEADS 2025 (High Performer Chhattisgarh) में मिली यह पहचान छत्तीसगढ़ के जनहितकारी विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। यह उपलब्धि स्पष्ट करती है कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य अब आर्थिक समृद्धि और आधुनिक अधोसंरचना की नई दिशा में तेजी से अग्रसर है।



