सीजी भास्कर, 15 मई। रायपुर में शुक्रवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का माहौल खास नजर (Convocation Ceremony) आया। परिसर में सुबह से ही विद्यार्थियों और उनके परिवारों की भीड़ दिखाई दी। डिग्री और पदक लेने पहुंचे छात्र उत्साहित नजर आए, वहीं अभिभावकों के चेहरे पर भी खुशी साफ दिखाई दे रही थी। समारोह के दौरान पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
दीक्षांत समारोह में कृषि और नई तकनीकों को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। मंच से खेती को आधुनिक बनाने, कम जमीन में ज्यादा उत्पादन बढ़ाने और युवाओं को कृषि अनुसंधान से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधि (Convocation Ceremony)
Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya के 11वें दीक्षांत समारोह में कुल 1880 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विद्यार्थियों को स्नातक की उपाधि दी गई। इसके अलावा मेधावी छात्रों को 13 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक भी प्रदान किए गए।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री रहे मौजूद
कार्यक्रम में Ramen Deka और Vishnu Deo Sai मुख्य रूप से शामिल हुए। इसके अलावा कृषि मंत्री Ramvichar Netam और कृषि वैज्ञानिक Ashok Kumar Singh भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
खेती में तकनीक अपनाने पर जोर
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि कृषि अब तेजी से बदल रही है और इसमें विज्ञान, तकनीक और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से खेती को नई दिशा देने की बात कही। उन्होंने बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान उत्पादन पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए गिनाईं योजनाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार काम (Convocation Ceremony) कर रही है। उन्होंने धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं, कृषि उपकरण और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का जिक्र किया। साथ ही विद्यार्थियों से कहा कि वे आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में भूमिका निभाएं।
शोध और नवाचार पर दिया जोर
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सुगंधित धान की विविध किस्मों के लिए जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे आने की अपील की ताकि कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सके।



