सीजी भास्कर, 15 मई। देश की सबसे बड़ी अदालत में अब काम करने का तरीका बदलने (Virtual Hearing) जा रहा है। नए फैसले के बाद अदालत परिसर और कानूनी हलकों में इसकी खूब चर्चा हो रही है। वकीलों से लेकर कर्मचारियों तक सभी के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि नई व्यवस्था किस तरह लागू होगी और इससे रोजमर्रा के कामकाज पर क्या असर पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी नए सर्कुलर के बाद अब अदालत की कई कार्यवाहियां ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएंगी। फैसले को ईंधन बचत और बेहतर प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है। अदालत प्रशासन ने तकनीकी व्यवस्था को मजबूत रखने पर भी जोर दिया है।
अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई : Virtual Hearing
Supreme Court of India ने नया सर्कुलर जारी करते हुए सुनवाई प्रक्रिया में बदलाव किया है। इसके मुताबिक सोमवार, शुक्रवार और अन्य मिसलेनियस डे पर मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। इसके अलावा आंशिक कार्य दिवसों में भी सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से होगी।
तकनीकी व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिंक समय पर उपलब्ध कराए जाएं ताकि वकीलों और पक्षकारों को किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही तकनीकी व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखने के लिए भी कहा गया है ताकि ऑनलाइन सुनवाई सुचारू रूप से चल सके।
जज भी करेंगे कार पूलिंग
ईंधन बचाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कार पूलिंग को बढ़ावा देने का फैसला भी लिया है। जरूरत के अनुसार अब जज एक साथ एक ही वाहन में सफर कर सकेंगे। इसे ईंधन बचत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों को घर से काम की सुविधा
सर्कुलर में कर्मचारियों के लिए भी नई व्यवस्था लागू (Virtual Hearing) की गई है। हर शाखा और सेक्शन में 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी गई है। हालांकि बाकी कर्मचारियों की दफ्तर में मौजूदगी जरूरी रहेगी ताकि अदालत का काम प्रभावित न हो।
जरूरत पड़ने पर तुरंत बुलाया जाएगा
वर्क फ्रॉम होम की अनुमति पाने वाले कर्मचारियों को फोन पर हमेशा उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत दफ्तर पहुंचना होगा। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी जरूरी काम तय समय पर पूरे हों।



