सीजी भास्कर, 15 मई। नीट पेपर लीक मामले की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे नए खुलासों ने लोगों को चौंकाना शुरू (NEET Paper Leak) कर दिया है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। कई राज्यों में जुड़े लोगों के नाम सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी बेचैनी बढ़ गई है।
जांच में सामने आई जानकारियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर कुछ छात्रों के अचानक आए बेहद ज्यादा अंकों और कथित सौदेबाजी की बात सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
सात आरोपी अब तक गिरफ्तार : NEET Paper Leak
Central Bureau of Investigation की जांच में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्या नगर से जुड़े लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां अभी भी कई संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
एक से दूसरे तक पहुंचा लीक पेपर
जांच में सामने आया कि पुणे की मनीषा वाघमारे से पेपर दूसरे आरोपियों तक पहुंचा। इसके बाद अलग अलग लोगों के जरिए यह पेपर गुरुग्राम के यश यादव तक पहुंचा और फिर जयपुर के मांगीलाल और अन्य लोगों को उपलब्ध कराया गया। आरोप है कि इसके बाद कई छात्रों तक पेपर पहुंचाया गया।
लाखों रुपये में हुई डील
सीबीआई जांच में पता चला कि पेपर दिलाने के लिए 10 से 12 लाख रुपये तक की डील तय (NEET Paper Leak) की गई थी। जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट से कई अहम जानकारियां मिली हैं। टेलीग्राम के जरिए पीडीएफ फाइल भेजे जाने और दस्तावेज लेने की बात भी सामने आई है।
2025 में भी हुई थी गड़बड़ी
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 2025 में भी कथित तौर पर पेपर बेचा गया था। आरोप है कि इसी लीक पेपर की मदद से एक ही परिवार के पांच लोगों ने परीक्षा पास कर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश हासिल किया। जांच एजेंसियां अब पुराने रिजल्ट और रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं।
कम नंबर वाले छात्र पर भी शक
जांच एजेंसियों को शक है कि इस बार भी कुछ कमजोर छात्रों को पेपर देकर अच्छे अंक दिलाने (NEET Paper Leak) की तैयारी थी। जानकारी के मुताबिक एक छात्र 12वीं में ग्रेस नंबर से पास हुआ था और उसके पहले के परीक्षा परिणाम भी सामान्य थे। जांच एजेंसियां अब ऐसे छात्रों के प्रदर्शन और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
सैकड़ों छात्रों की सूची जांच में
राजस्थान से जुड़े करीब 150 छात्रों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को सौंपी गई है। आरोप है कि इन छात्रों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लीक पेपर हासिल किया था। फिलहाल पूरे मामले में जांच लगातार जारी है।



