सीजी भास्कर, 15 मई। छत्तीसगढ़ में बढ़ती ईंधन चिंता और बदलते हालात के बीच अब सरकारी दफ्तरों में काम करने के तरीके को लेकर (Work From Home) नई चर्चा शुरू हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से घर से काम करने की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है। इस मुद्दे को लेकर मंत्रालय और अन्य दफ्तरों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में रोजाना लंबी दूरी तय कर दफ्तर पहुंचना मुश्किल और खर्चीला साबित हो सकता है। इसी वजह से अब ईंधन बचत और डिजिटल कामकाज को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू करने की मांग तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजा पत्र : Work From Home
Chhattisgarh Employee Officer Federation ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शासकीय कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की मांग की है। फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और संभावित ईंधन संकट को देखते हुए यह कदम जनहित में जरूरी माना जा रहा है।
ऊर्जा बचत का दिया हवाला
पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की ऊर्जा संरक्षण और अनावश्यक आवागमन कम करने की अपील को ध्यान में रखते हुए यह फैसला समय की जरूरत बन सकता है। फेडरेशन का कहना है कि इससे ईंधन की बचत के साथ साथ लोगों को अनावश्यक यात्रा से भी राहत मिलेगी।
पहले से लागू है ई ऑफिस व्यवस्था
कमल वर्मा ने कहा कि राज्य में पहले से ई ऑफिस और पेपरलेस कार्यप्रणाली लागू है। ऐसे में अधिकांश प्रशासनिक कार्य ऑनलाइन माध्यम से आसानी से किए जा सकते हैं। इसी वजह से घर से काम की व्यवस्था लागू करना ज्यादा मुश्किल नहीं माना जा रहा।
मंत्रालय और दफ्तरों का दिया उदाहरण
पत्र में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय और अन्य सरकारी कार्यालयों का भी उल्लेख (Work From Home) किया गया है। फेडरेशन ने कहा कि हर दिन बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी निजी तथा सरकारी वाहनों से आवागमन करते हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है।
प्रदूषण कम करने पर भी जोर
फेडरेशन का कहना है कि यदि चरणबद्ध तरीके से घर से काम की व्यवस्था लागू की जाती है तो यातायात का दबाव कम होगा और वायु प्रदूषण में भी कमी आ सकती है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि जरूरत के अनुसार सरकारी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जाए।



