सीजी भास्कर, 17 मई। छत्तीसगढ़ में आरटीई प्रवेश को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच (RTE Admission) गया है। निजी स्कूलों और अभिभावकों के बीच बनी चिंता के माहौल के बीच रविवार को बड़ी राहत वाली खबर सामने आई। लंबे समय से प्रवेश का इंतजार कर रहे परिवारों में इस फैसले के बाद उम्मीद बढ़ गई है।
प्रदेश के कई जिलों में अभिभावक लगातार स्कूलों के चक्कर लगा रहे थे। बच्चों के दाखिले अटकने से लोगों में नाराजगी भी दिखाई दे रही थी। इसी बीच निजी स्कूल प्रबंधन संगठन ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सोमवार से प्रवेश प्रक्रिया फिर शुरू करने की घोषणा कर दी।
18 मई से शुरू होंगे प्रवेश : RTE Admission
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि सोमवार 18 मई से आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
आंदोलन रहेगा जारी
संगठन ने साफ किया है कि उनकी मांगों को लेकर असहयोग आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रदेश कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
पहले प्रवेश रोक दिए गए थे
निजी स्कूलों ने 1 मार्च से असहयोग आंदोलन शुरू (RTE Admission) किया था। इसी के तहत इस साल आरटीई के अंतर्गत प्रवेश रोकने का फैसला लिया गया था। संगठन का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही थी।
प्रतिपूर्ति राशि को लेकर नाराजगी
संगठन की मुख्य मांगों में प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाना शामिल है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं है। इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। संगठन ने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देश के बावजूद अब तक फैसला नहीं लिया गया है, जिसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई।
एंट्री क्लास बदलने पर भी विवाद
निजी स्कूल संगठन ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि इस वर्ष एंट्री क्लास बदलकर पहली कक्षा कर (RTE Admission) दी गई है। उनका कहना है कि इससे वंचित परिवारों के कई बच्चों का प्रवेश प्रभावित हुआ है। संगठन के मुताबिक पहले हर साल करीब 65 हजार विद्यार्थियों को प्रवेश मिलता था, लेकिन इस बार रिक्त सीटों की संख्या काफी कम हो गई है।



