सीजी भास्कर, 21 मई : छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी पेपर लीक मामले (CG Board Paper Leak) में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बेमेतरा जिले में पदस्थ एक पीटीआई (शारीरिक शिक्षा) शिक्षक शामिल है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इसी शिक्षक ने हाथ से लिखा हुआ लीक प्रश्नपत्र छात्र नेता तक पहुंचाया था। इस गंभीर संवेदनशील मामले में पुलिस की विशेष टीम द्वारा लगातार पूछताछ और जांच की जा रही है।
छात्र नेता तक ऐसे पहुंचा लीक पेपर
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा मंडल की आधिकारिक शिकायत पर बीते 17 मार्च 2026 को हिंदी पेपर लीक का आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले छात्र नेता वेणु कुमार जंघेल को गिरफ्तार किया था, जिसे इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
कड़ी पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि बेमेतरा जिले के ग्राम बोरतरा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ पीटीआई शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे ने हाथ से लिखे हुए प्रश्न परीक्षा से पहले वेणु कुमार को उपलब्ध कराए थे। इस लेन-देन और साजिश के दौरान विकास सेन नामक एक अन्य आरोपी भी मौके पर मौजूद था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शिक्षक जवाहर लाल और विकास सेन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
टेलीग्राम पर परीक्षा से पहले वायरल हुआ था पेपर
जानकारी के मुताबिक, 13 मार्च की रात को एक टेलीग्राम ग्रुप में 12वीं बोर्ड हिंदी का पेपर लीक (CG Board Paper Leak) होने का मैसेज और तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं। इस मैसेज के साथ जो प्रश्नपत्र साझा किया गया था, उसमें 15 सवाल पूरी तरह हाथ से लिखे हुए थे और उनका क्रम मुख्य परीक्षा के असली प्रारूप जैसा ही था।
बताया जा रहा है कि अगले दिन सुबह होने वाली परीक्षा (CG Board Paper Leak) से करीब 10 घंटे पहले ही यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर फैल गया था। कुछ ही मिनटों में यह लीक सामग्री हजारों परीक्षार्थियों और ग्रुप्स तक पहुंच गई। पुलिस की साइबर सेल अब इस पूरे डिजिटल नेटवर्क और पेपर को आगे फॉरवर्ड करने वालों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जांच के दायरे में आए कई शिक्षा अधिकारी
इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। बेमेतरा जिले के संबंधित परीक्षा केंद्र प्रभारी, पर्यवेक्षक और कंट्रोलर भी अब सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ गए हैं। पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने में विभागीय लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त दीपक मिश्रा ने आधिकारिक तौर पर बताया कि मामले की विवेचना लगातार जारी है और संदेहियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने और मुख्य स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है ताकि बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनी रहे।



