सीजी भास्कर, 23 मई। जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में शुक्रवार दोपहर अचानक सुरक्षा गतिविधियां बढ़ने से इलाके में तनाव का माहौल (Rajouri Encounter) बन गया। जंगलों की तरफ से लगातार गोलियों की आवाज सुनाई देने के बाद आसपास के इलाकों में लोगों में डर फैल गया। सुरक्षा बलों की हलचल तेज होने के साथ पूरे इलाके को घेर लिया गया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को जंगल में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद जवानों ने इलाके में सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान छिपे आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। फिलहाल इलाके में अभियान जारी है।
दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की आशंका : Rajouri Encounter
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोरिमाल जंगल क्षेत्र में कम से कम दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा बल लगातार जंगल के अंदर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है।
तलाशी अभियान के दौरान हुई फायरिंग
बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों को पहले से ही इनपुट मिला था कि जंगल में कुछ संदिग्ध लोग मौजूद हैं। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने अचानक गोलीबारी कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने मोर्चा संभाल लिया।
पहले भी चल चुका बड़ा अभियान
इसी साल फरवरी में किश्तवाड़ इलाके में सुरक्षा बलों ने बड़े आतंकी नेटवर्क को खत्म करने का दावा (Rajouri Encounter) किया था। उस दौरान कई आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे लंबे समय तक चले अभियान की बड़ी सफलता बताया था।
सेना प्रमुख ने दिया था कड़ा संदेश
हाल ही में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी आतंकवाद को लेकर सख्त रुख जाहिर किया था। उन्होंने साफ कहा था कि अगर आतंकवाद को समर्थन जारी रहा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। सेना लगातार सीमा और संवेदनशील इलाकों में निगरानी और अभियान बढ़ा रही है।
पूरे इलाके में बढ़ाई गई सतर्कता
मुठभेड़ शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा (Rajouri Encounter) दी गई है। जवान लगातार जंगल के अंदर तलाशी में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरा होने तक इलाके में निगरानी जारी रहेगी।



