सीजी भास्कर, 17 मई। तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म जगत में इन दिनों लगातार हलचल (Rajinikanth) बनी हुई है। मुख्यमंत्री विजय को लेकर अलग अलग चर्चाएं तेज हैं और इसी बीच रजनीकांत का बयान भी चर्चा का विषय बन गया है। पिछले कुछ दिनों से उनकी पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे थे।
सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह चर्चा चल रही थी कि इस मुलाकात के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संकेत हो सकता है। अब इन अटकलों पर खुद रजनीकांत ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है।
विजय को लेकर कही बड़ी बात : Rajinikanth
रजनीकांत ने मुख्यमंत्री विजय से किसी भी तरह की ईर्ष्या होने की बात को साफ तौर पर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विजय ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और इसमें जलन जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर शुभकामनाएं भी दीं।
स्टालिन से मुलाकात पर दी सफाई
रजनीकांत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ उनकी मुलाकात पूरी तरह दोस्ताना थी। इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुलाकात किसी राजनीतिक दल के विलय या विजय को रोकने के प्रयास से जुड़ी नहीं थी।
25 साल का बताया पीढ़ीगत अंतर
रजनीकांत ने कहा कि उनके और विजय के बीच करीब 25 साल का पीढ़ीगत (Rajinikanth) अंतर है। उन्होंने कहा कि वह विजय को बचपन से जानते हैं और उनकी सफलता देखकर खुशी होती है।
एमजीआर और एनटीआर का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान रजनीकांत ने एमजी रामचंद्रन और एनटी रामाराव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विजय ने कम उम्र में जिस तरह की लोकप्रियता और उपलब्धियां हासिल की हैं, वह काफी बड़ी बात है।
राजनीतिक चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश
रजनीकांत के इस बयान को तमिलनाडु में चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश के रूप में भी देखा (Rajinikanth) जा रहा है। उनके बयान के बाद अब राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।



