सीजी भास्कर, 26 मई। देवभोग इलाके में मंगलवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब प्रसूता की मौत के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर (Hospital Negligence) जमा हो गए। देखते ही देखते आक्रोश इतना बढ़ा कि परिजन और ग्रामीण शव लेकर राष्ट्रीय मार्ग पर पहुंच गए और रास्ता जाम कर दिया। सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और इलाके में अफरा तफरी जैसी स्थिति बन गई।
घटना के बाद आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंचने लगे। परिजन लगातार अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते रहे। माहौल को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
इलाज में लापरवाही का आरोप : Hospital Negligence
जानकारी के मुताबिक मृतिका की पहचान भानुमति मांझी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर सही इलाज नहीं मिलने की वजह से प्रसूता की जान चली गई। इसी बात को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
शव रखकर किया चक्काजाम
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 130 सी पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्काजाम के चलते सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोग अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग (Hospital Negligence) कर रहे हैं। परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर मामला दर्ज करने की मांग उठाई है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
इधर अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी घटना को लेकर सफाई (Hospital Negligence) दी गई है। अस्पताल पक्ष का कहना है कि प्रसव के दौरान बच्चा फंस गया था और परिजनों की सहमति से मरीज को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। साथ ही समय पर खून चढ़ाने की जरूरत होने की बात भी कही गई।



