सीजी भास्कर, 27 मई : बिहार की बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव (Bankipur By-Election) को लेकर सियासी हलचल तेज है। इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जीत दर्ज की थी। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हो गई है। इसके बाद अब यहां पर उपचुनाव होने है। इस बीच जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर इस सीट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि आखिर क्यों उनकी पार्टी (जन सुराज) इस सीट को जीतना चाहती है।
बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे पीके
दरअसल, सीतामढ़ी में मीडिया ने प्रशांत किशोर से सवाल किया था। मीडिया ने पूछा था कि बांकीपुर सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है। आप (प्रशांत किशोर) ने कहा कि इस किले पर सेंध लगाएंगे। इस सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा, “गढ़ को इस बार इसलिए तोड़ा जाएगा क्योंकि बिहार में बीजेपी ने जिस तरह के निर्णय लिए हैं और जनता के साथ जिस तरह का छल हुआ पिछले 6-8 महीनों में वो जनता को दिख रहा है।”
उन्होंने कहा कि 10 हजार देकर आपने वोट (Bankipur By-Election) लिए, बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन यहां के लोगों के जीवन में तो कोई फर्क नहीं आया। बांकीपुर के जो विधायक थे वो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो गए, बीजेपी का आदमी मुख्यमंत्री बन गया, लेकिन बांकीपुर या बिहार के लोगों की जिंदगी में तो कोई फर्क नहीं आया। यहां शिक्षा-व्यवस्था में सुधार का कोई लक्षण नहीं दिख रहा है।
बीजेपी की सरकार में क्राइम टॉप पर – पीके
पीके ने कहा कि एक करोड़ रोजगार की बात कही गई थी तो छह महीने में कम से कम 10 लाख रोजगार तो मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा, “रोजगार छोड़िए। टीआरई-4 के छात्रों पर लाठी चलवा रहे हैं। पलायन में कोई फर्क नहीं है। नई फैक्ट्री नहीं लगी। क्राइम रेट टॉप पर है।”
पीके ने आगे कहा कि जिस जंगलराज की आप बात कर रहे थे वो तो लोगों को सामने दिख रहा है। पटना में सालों बाद ऐसी घटना हुई है कि किसी बच्ची को उसके पिता के सामने रात में होटल से खींचकर उसके साथ बदसलूकी की गई। तो जितनी बात बीजेपी ने कही थी उसका सब उलट हो रहा है, तो निश्चित तौर पर लोगों को बांकी में अवसर मिलेगा तो जनता जवाब देगी।




