सीजी भास्कर, 28 मई : राजधानी रायपुर के सदर बाजार स्थित चर्चित ज्वेलरी कारोबार मंत्रा गोल्ड (Mantra Gold Scam) में करोड़ों रुपये के सोने की कथित हेराफेरी और गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने संस्था के कर्मचारी अरूण यादव समेत उसके परिवार के खिलाफ अमानत में खयानत, गबन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
शिकायत के मुताबिक आरोपित करीब 1250 ग्राम सोने के जेवर और 350 ग्राम शुद्ध सोना लेकर फरार हो गया। मामले में उसके पिता राम समुझ यादव और पत्नी निशा यादव पर भी रकम के लेन-देन और कथित षड्यंत्र में सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।
छह साल से था भरोसेमंद कर्मचारी
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता प्रदीप बजाज महावीर नगर निवासी हैं और सदर बाजार के नाहटा मार्केट स्थित मंत्रा गोल्ड (Mantra Gold Scam) संस्था के पार्टनर हैं। संस्था सोने के आभूषणों का थोक कारोबार करती है।
प्रदीप बजाज ने पुलिस को बताया कि अरूण यादव वर्ष 2019 से संस्था में कार्यरत था और लंबे समय से भरोसेमंद कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था। व्यापारियों के बीच लेन-देन और महत्वपूर्ण कारोबारी जिम्मेदारियां भी उसे सौंपी जाती थीं।
स्टॉक मिलान में खुला करोड़ों का खेल
23 अप्रैल 2026 को दुकान में स्टॉक मिलान के दौरान भारी मात्रा में सोना कम मिला। पूछताछ करने पर अरूण यादव ने कथित रूप से बताया कि कुछ सोने का माल उसके घर में रखा हुआ है।
शिकायतकर्ता के अनुसार वर्षों के भरोसे के चलते उसे बिना किसी संदेह के घर से माल लाने भेजा गया, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। इसके बाद वह लगातार फोन पर बहाने बनाता रहा। कभी “आ रहा हूं” तो कभी “थोड़ी देर में पहुंच रहा हूं” कहकर टालता रहा और बाद में मोबाइल फोन बंद कर दिया।
परिवार पर भी सहयोग का आरोप
जब काफी देर तक अरूण यादव वापस नहीं लौटा तो संस्था संचालक उसके घर पहुंचे। आरोप है कि परिवार के लोगों ने भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी और बताया कि वह कहीं चला गया है। इसके बाद से आरोपित फरार बताया जा रहा है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अरूण यादव, उसके पिता राम समुझ यादव और पत्नी निशा यादव के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कारोबारी जगत में मचा हड़कंप
मंत्रा गोल्ड (Mantra Gold Scam) में करोड़ों के सोने की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद सराफा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब आरोपित की तलाश में जुटी हुई है और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।




