सीजी भास्कर, 18 जुलाई। बिलासपुर में लगातार हो रही रिमझिम बारिश के बीच शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात घंटों तक प्रभावित रहा। (Bilaspur waterlogging)
लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के लोगों ने बताया कि, पुल और ड्रेनेज निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण बारिश का पानी गांव में भर रहा है। इससे 150 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं और लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

भारी बारिश से घरों में भरा पानी : Bilaspur waterlogging
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प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि, घरों में पानी भरने से घरेलू सामान खराब हो गया है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की नौबत आ गई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने NHAI के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर मनमानी तथा लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के बीच सड़क पर उतरी महिलाओं ने भी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मुआवजा, राहत सहायता की मांग
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प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सहायता और पानी निकासी के लिए स्थायी पुल एवं ड्रेनेज निर्माण की मांग की। उनका कहना है कि जब तक समस्या का ठोस समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके (Bilaspur waterlogging) पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। वहीं, प्रदर्शन के कारण NH-49 पर दोनों ओर भारी वाहनों और यात्री वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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