रिपोर्टर – आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 07 जुलाई। गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को एक समय ऐसा आया जब निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की सांसें थम (Rescue Operation) सी गईं। अचानक बढ़े पानी ने कुछ ही देर में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। हालात बिगड़ते देख मजदूरों ने अपनी जान बचाने के लिए पास के पेड़ों का सहारा लिया और मदद का इंतजार करने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला, विभागीय अधिकारी और राहत दल सक्रिय हो गए। मौके पर पहुंची टीम ने तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
बघनई नाला में अचानक बढ़ा जलस्तर Rescue Operation
बीजापाल जोगीडीपा मार्ग पर बघनई नाला में निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का कार्य चल रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे कार्यस्थल पर मौजूद कुछ मजदूर सुरक्षित स्थान की तलाश में पास के पेड़ों पर चढ़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग ने तत्काल जिला प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।
एसडीआरएफ और प्रशासन ने चलाया संयुक्त अभियान
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। गरियाबंद और महासमुंद जिला प्रशासन की टीमों ने समन्वय बनाकर रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई के चलते किसी भी मजदूर को नुकसान नहीं पहुंचा और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
अस्थायी शिविर तक पहुंच गया था बाढ़ का पानी
लोक निर्माण विभाग के अनुसार निर्माण स्थल पर मजदूरों के रहने के लिए नदी तल से करीब पांच मीटर ऊंचाई पर अस्थायी शिविर बनाया (Rescue Operation) गया था। देर रात लगातार बारिश होने से बाढ़ का पानी शिविर तक पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए मजदूरों ने एहतियात के तौर पर खुद को सुरक्षित रखने के लिए पास के पेड़ों पर शरण ली और वहीं से मदद का इंतजार किया।
किसी प्रकार की जनहानि नहीं
लोक निर्माण विभाग के सेतु निर्माण उप संभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या धनहानि नहीं हुई है। सभी मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध करा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन और निगरानी लगातार की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।



