बिलासपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में 6 से 8 फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों के घरों में पानी घुस गया और करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस दौरान तेज बहाव में बहने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
बारिश का सबसे अधिक असर देवनंदन नगर, गीतांजलि सिटी, फ्रेंड्स कॉलोनी, गुरु विहार, वसंत विहार, सरोज विहार, बंधवापारा, जोरापारा और अन्य निचले इलाकों में देखने को मिला। कई घरों में फ्रिज, वॉशिंग मशीन, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान पानी में डूब गए। कई परिवारों को पूरी रात और अगले दिन भी पहली मंजिल पर शरण लेकर समय बिताना पड़ा।
हालात बिगड़ने पर एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई कॉलोनियों में नाव और ट्रैक्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था करते हुए प्रभावित परिवारों को भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया। नगर निगम की ओर से करीब 1700 फूड पैकेट वितरित किए गए, जबकि एसडीआरएफ ने 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
मूसलाधार बारिश के बीच लिंगियाडीह क्षेत्र की 65 वर्षीय प्रमिला बाई तेज बहाव में बह गईं। बाद में उनका शव अरपा नदी के किनारे झाड़ियों में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लगातार जलभराव के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति एहतियातन बंद रखी गई, जिससे पेयजल संकट भी पैदा हो गया। रेलवे स्टेशन और यार्ड में पानी भरने से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई के मार्ग में बदलाव किया गया। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख संपर्क मार्गों पर भी यातायात बाधित रहा।
शहर में जलभराव की समस्या को लेकर नगर निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में जल निकासी सुधारने के लिए करीब 18 करोड़ रुपये खर्च कर कई बड़े नालों का निर्माण कराया गया था, लेकिन भारी बारिश के बाद कई इलाकों में फिर से जलभराव हो गया। कई स्थानों पर अधूरे निर्माण, संकरे नाले और ओवरलोड ड्रेनेज सिस्टम के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी।
मौसम विभाग ने बिलासपुर सहित आसपास के जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।



