सीजी भास्कर, 30 मई : राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को दोपहर के वक्त उस समय चीख-पुकार मच गई, जब जेल से पेशी पर लाए गए एक बेबस आरोपी पर दो बदमाशों ने घात लगाकर जानलेवा हमला कर दिया। रोंगटे खड़े कर देने वाला यह खूनी खेल कोर्ट परिसर के भीतर स्थित पुलिस चौकी के ठीक सामने खेला गया। सरेआम हुई इस वारदात से कोर्ट में मौजूद वकीलों, महिला फरियादियों और मासूम बच्चों के बीच भारी अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे।
इस खौफनाक हमले (Raipur Court Attack) ने वीआईपी और हाई-सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले न्यायालय की सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा और गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, क्योंकि कानून के मंदिर में ही एक इंसान की जिंदगी दांव पर लग गई।
जानकारी के अनुसार, संबंधित आरोपी को जेल की चारदीवारी से कड़े पहरे के बीच शनिवार को जिला कोर्ट में सुनवाई के लिए लाया गया था। वह अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ ही रहा था कि अचानक भीड़ का फायदा उठाकर दो अज्ञात युवक उसके बेहद करीब पहुंचे और जेब से धारदार चाकू निकालकर उसके पेट और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। आरोपी खून से लथपथ होकर वहीं फर्श पर गिर गया, जिसे गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उसकी सांसें अटक रही हैं और हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस अमानवीय घटना (Raipur Court Attack) की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और हमलावरों की तलाश शुरू की गई।
बड़ा सवाल यह है कि जहां हर दिन हजारों की संख्या में बेकसूर लोग, अधिवक्ता और खुद पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं, वहां मेटल डिटेक्टर को ठेंगा दिखाकर बदमाश धारदार हथियार लेकर कैसे घुस गए? इस खूनी खेल के पीछे पुरानी रंजिश या कोई गहरा राज है, इसकी सघन जांच की जा रही है।




