सीजी भास्कर, 01 जून : छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमी बाजार में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या (Pendra Jeweler Murder Case) और डकैती के सनसनीखेज मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और खौफनाक मोड़ सामने आया है। इस कूटनीतिक मर्डर केस में पुलिस को घटना स्थल से करीब 8 किलोमीटर दूर बोदराटोला तिलोरा के घने जंगलों में ज्वेलरी के खाली बॉक्स, एक जला हुआ थैला और बिखरा हुआ सामान बरामद हुआ है। इस बड़ी बरामदगी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अंदेशा जताया जा रहा है कि बेखौफ बदमाशों ने इस खूनी वारदात को अंजाम देने के बाद पूरी रात इसी डरावने जंगल में गुजारी थी और कड़ाई से सबूत मिटाने के इरादे से कुछ सामानों को आग के हवाले कर बाकी सामान वहीं फेंककर रफूचक्कर हो गए।
दरअसल, यह खूनी खेल बीते 26 मई की शाम करीब 7 बजे कोटमी के साप्ताहिक बाजार में खेला गया था। रोजाना की तरह सर्राफा कारोबारी प्रदीप सोनी अपनी दुकान बंद कर रहे थे, तभी एक पल्सर बाइक पर सवार होकर आए 3 नकाबपोश बदमाशों ने उनका सोने-चांदी से भरा बैग छीनने की कोशिश की। जब कारोबारी ने अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए कड़ा विरोध किया, तो हमलावरों ने बिना रहम खाए बेहद करीब से उनके सीने पर गोली दाग दी और पलक झपकते ही माल समेटकर फरार हो गए। लहूलुहान व्यापारी (Pendra Jeweler Murder Case) को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से खाली कारतूस और खून के धब्बे मिले थे, जिसके बाद से इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
इस सनसनीखेज वारदात (Pendra Jeweler Murder Case) के बाद से पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं। कांग्रेस ने इस हत्याकांड को लेकर सीधे सरकार को आड़े हाथों लिया है। पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने पुलिस प्रशासन पर आक्रामक तेवर दिखाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस के ऊपर कोई अदृश्य राजनीतिक दबाव है, जिसके कारण अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है और वे सरेआम कत्ल कर रहे हैं। इस हत्याकांड (Pendra Jeweler Murder Case) ने व्यापारियों और आम जनता के बीच गहरे डर का माहौल पैदा कर दिया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी अपने सोशल मीडिया पर कड़ा प्रहार करते हुए लिखा है कि प्रदेश में अब कानून का नहीं बल्कि अपराधियों का राज चल रहा है।
इधर, सर्राफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी भी आईजी के साथ खुद घटना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस के सुस्त रवैये पर भारी नाराजगी जताई। हालांकि, पुलिस का दावा है कि आरोपियों को दबोचने के लिए बिलासपुर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, अनूपपुर, डिंडोरी और कोरिया सहित कुल 6 जिलों में कड़ाई से तगड़ी नाकेबंदी की गई है। लेकिन सस्पेंस (Pendra Jeweler Murder Case) और पुलिस की नाकामी का आलम यह है कि वारदात के पूरे 7 दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर हैं।
चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस अब जंगल से मिले इन जले हुए साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करा रही है। एसोसिएशन ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी (Pendra Jeweler Murder Case) नहीं हुई, तो पूरा व्यापारी समाज उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा।




