सीजी भास्कर, 21 जुलाई : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की तीनों नगरीय निकायों में एक ही मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO Crisis) के प्रभार की व्यवस्था अब प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं पर असर डाल रही है। नगर पालिका परिषद पेंड्रा, नगर पालिका परिषद गौरेला और नगर पंचायत मरवाही के जनप्रतिनिधियों ने शासन से प्रत्येक निकाय में अलग-अलग पूर्णकालिक एवं नियमित सीएमओ (Chief Municipal Officer) की नियुक्ति की मांग की है, ताकि आम जनता के कार्य समय पर पूरे हो सकें।
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एक अधिकारी पर तीन निकायों की जिम्मेदारी से बढ़ी परेशानी
नगर पालिका परिषद पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में सीएमओ का समय तीनों निकायों में बंट गया है। जिला स्तरीय बैठकों, अलग-अलग निकायों में उपस्थिति और उच्च अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों के कारण पेंड्रा में उनकी उपलब्धता सीमित रह जाती है।
उन्होंने बताया कि इसका सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक कार्यों, विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक निर्णयों और जरूरी फाइलों के निराकरण पर पड़ रहा है। कई महत्वपूर्ण कार्य अधिकारी की अनुपलब्धता के कारण लंबित हो जाते हैं।
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मरवाही में सप्ताह में एक दिन पहुंच रहे सीएमओ
नगर पंचायत मरवाही की अध्यक्ष मधुबाबा गुप्ता ने कहा कि मरवाही नवगठित नगरीय निकाय है, जहां वर्तमान में पेंड्रा के सीएमओ को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पेंड्रा से मरवाही की दूरी करीब 40 किलोमीटर होने के कारण सीएमओ सप्ताह में केवल एक दिन ही मरवाही पहुंच पाते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक कार्यों, विकास योजनाओं की समीक्षा, निविदा प्रक्रिया, वित्तीय स्वीकृति और आम नागरिकों के जरूरी कामों में देरी हो रही है।
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गौरेला में भी प्रभावित हो रहे विकास कार्य CMO Crisis
नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे ने भी एक ही अधिकारी के पास तीन निकायों की जिम्मेदारी होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सीएमओ सप्ताह में सीमित समय के लिए ही गौरेला में उपलब्ध हो पाते हैं, जिससे कार्यालयीन कार्यों के साथ-साथ विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के समाधान में बाधा आ रही है।
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CMO Crisis प्रत्येक निकाय के लिए अलग CMO की मांग
तीनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रत्येक नगरीय निकाय की अपनी अलग आवश्यकताएं, विकास योजनाएं और प्रशासनिक जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में एक ही अधिकारी से तीनों निकायों का संचालन प्रभावी तरीके से करना मुश्किल है। इसका सीधा असर आम जनता के कामों पर पड़ रहा है।
उन्होंने राज्य शासन और नगरीय प्रशासन विभाग से मांग की है कि नगर पालिका परिषद पेंड्रा, नगर पालिका परिषद गौरेला और नगर पंचायत मरवाही में अलग-अलग नियमित एवं पूर्णकालिक सीएमओ (Full Time CMO) की नियुक्ति जल्द की जाए।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अलग-अलग सीएमओ की नियुक्ति होने से प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी, विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सकेगा।
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