सीजी भास्कर, 10 मई : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग नगर पंचायत कार्यालय (CMO Office Fight Case) में वेतन भुगतान को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। नगर पंचायत के CMO कार्यालय में इंजीनियर और उसके साथियों पर अकाउंटेंट से मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में मामला चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वेतन भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक 7 मई की शाम नगर पंचायत कार्यालय (CMO Office Fight Case) में इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को वेतन भुगतान में देरी के मुद्दे पर बातचीत के लिए बुलाया था। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसी दौरान इंजीनियर के साथ मौजूद लोगों ने अकाउंटेंट के साथ मारपीट शुरू कर दी।
वायरल वीडियो में दिखा हंगामा CMO Office Fight Case
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में अकाउंटेंट को भी जवाबी कार्रवाई करते देखा जा सकता है। कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की। घटना के बाद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर की शिकायत पर पुलिस ने इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर, दूसरे पक्ष की शिकायत के आधार पर संदीप चंद्राकर के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में अपराध कायम किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की जांच
थाना पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि के लिए नगर पंचायत कार्यालय से सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं। पुलिस अब वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। मामले को लेकर कर्मचारी यूनियन भी सक्रिय हो गई है। यूनियन ने आरोपियों की गिरफ्तारी और गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
घटना को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी से संस्था की छवि खराब हो रही है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की उचित पदस्थापना की मांग उठाने की बात भी कही है।


