सीजी भास्कर, 16 अगस्त। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन परिसर में तिरंगे की स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय ध्वज एक ओर झुका और नीचे लटकता दिखाई देने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। (Pendra Road Flag Controversy)
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तिरंगे की स्थिति को लेकर उठे सवाल : Pendra Road Flag Controversy
जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन परिसर में संबंधित विभाग की ओर से ध्वजारोहण किया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में तिरंगा एक ओर झुका हुआ और नीचे लटकता नजर आया। परिसर में सजावटी व्यवस्था की गई थी, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति को लेकर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ध्वजारोहण के बाद तिरंगे की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जानी चाहिए थी। यदि तेज हवा, मौसम या पोल में किसी तकनीकी खराबी के कारण झंडा झुका था, तो उसे तत्काल ठीक किया जाना चाहिए था। मामले में रेलवे के संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
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निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है, इसलिए सरकारी परिसर में उसकी गरिमा से जुड़ी किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
लोगों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले (Pendra Road Flag Controversy) की निष्पक्ष जांच कराने और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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