सीजी भास्कर, 01 जून : छत्तीसगढ़ के शांत और मर्यादित सियासी गलियारों (CG Political War) में एक बार फिर बयानों के तीखे तीर चलने शुरू हो गए हैं। बेमेतरा जिले में आयोजित ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के भव्य कार्यक्रम में जिला प्रशासन की घोर लापरवाही और कुप्रबंधन का मामला अब एक बड़े राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो चुका है। इस पूरे घटनाक्रम में विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का एक बेहद आक्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लपक लिया है। भूपेश बघेल ने अपने चिरपरिचित सियासी अंदाज में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के जरिए सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि डॉक्टर साहब का यह अनियंत्रित गुस्सा साफ तौर पर बता रहा है कि वर्तमान सरकार की अंदरूनी सेहत बेहद खराब चल रही है। इस तीखे बयान ने छत्तीसगढ़ में की एक नई और गरमा-गरम पटकथा लिख दी है।
भूपेश बघेल का एक्स पर करारा वार
इस पूरे विवाद की जड़ में वह वीडियो है जिसमें डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री (CG Political War) कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की लचर व्यवस्था पर बेहद नाराज होते हुए बेमेतरा जिले के कलेक्टर और एसपी को सरेआम नसीहत देते और जमकर फटकार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, कांग्रेस ने इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण मान लिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर चुटकी लेते हुए अपने पोस्ट में आगे लिखा, “डॉक्टर साहब का ग़ुस्सा बता रहा है कि सरकार की सेहत ख़राब है। लेकिन दिक़्क़त यह है कि डॉक्टर साहब परहेज़ मरीज़ को बताने की बजाय तीमारदार को बता रहे हैं। वैसे, विधानसभा अध्यक्ष जिस प्रकार से मंच के पीछे खड़े होकर वर्तमान मुख्यमंत्री के सम्मान की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं, वो देखना वाकई बेहद सुखद है।” भूपेश बघेल का यह तंज सीधे तौर पर राज्य की प्रशासनिक मशीनरी और सत्ता के शीर्ष नेतृत्व के बीच मचे घमासान और प्रदेश में चल रहे (CG Political War) को जनता के सामने उजागर करता है।
अचानक बदला मौसम का मिजाज
दरअसल, यह पूरा मामला रविवार का है जब बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 24 गरीब जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जा रहा था। इस कार्यक्रम की सबसे खास और मानवीय बात यह थी कि स्थानीय बीजेपी विधायक दीपेश साहू ने भी इस सामूहिक विवाह समारोह में अपनी जीवनसंगिनी के साथ परिणय सूत्र में बंधकर समाज को एक सादगी भरा संदेश दिया। इस ऐतिहासिक और भावुक पल के साक्षी बनने के लिए खुद सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, दोनों उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट के तमाम कद्दावर मंत्री समेत कई विधायक वहां पहुंचे हुए थे। लेकिन इसी बीच देर शाम अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरे कार्यक्रम स्थल पर भारी अफरा-तफरी मच गई। मुख्य मंच का विशाल टेंट और पंडाल ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हालात इतने बदतर हो गए कि मुख्यमंत्री का मुख्य आशीर्वाद समारोह, करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम ऐन वक्त पर रद्द करना पड़ा। इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन की सुस्ती ने इस मुद्दे को (CG Political War) का रूप दे दिया।
रमन सिंह ने प्रशासनिक गंभीरता पर उठाए बड़े सवाल
मौसम खराब होने के बाद जब पूरा वीआईपी अमला, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आनन-फानन में स्थानीय रेस्ट हाउस पहुंचे, तो वहां आयोजित एक बेहद संक्षिप्त और अनौपचारिक समारोह में डॉ. रमन सिंह का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने अधिकारियों की इस घोर प्रशासनिक ढिलाई पर अपनी कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर और एसपी को सबके सामने आड़े हाथों लिया। डॉ. रमन सिंह ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “कलेक्टर और एसपी को मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि वीआईपी प्रोटोकॉल का यह ठीक तरीका बिल्कुल नहीं है। मुख्यमंत्री खुद यहां मौजूद हैं और उनका पीछे से स्वागत किया जा रहा है! यह शर्मनाक स्थिति प्रशासनिक गंभीरता और तैयारियों पर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़े करती है।”
उन्होंने आगे भड़कते हुए कहा कि मौसम खराब होने की चेतावनी के बावजूद प्रशासन समय रहते कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका। ढाई घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अधिकारी मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बैठने के लिए एक सुरक्षित वैकल्पिक स्थान तक नहीं ढूंढ पाए। क्या अधिकारियों को इतनी बुनियादी जानकारी भी नहीं थी कि प्रदेश का पूरा शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व इस समय बेमेतरा में मौजूद है? डॉ. रमन सिंह की इस ऐतिहासिक डांट ने सरकार के भीतर मचे आंतरिक गतिरोध को हवा दी, जिससे विपक्ष को (CG Political War) शुरू करने का खुला मौका मिल गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए जांच के कड़े आदेश
इस पूरे राजनैतिक बवाल (CG Political War) और अपनी ही सरकार के विधानसभा अध्यक्ष की नाराजगी के बाद, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डैमेज कंट्रोल करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश संभाग के कमिश्नर को दे दिए हैं। इस पूरे विवाद पर मीडिया को दिए अपने आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेहद संयमित होकर कहा, “बेमेतरा में सीएम कन्या विवाह का एक बहुत ही सुंदर आयोजन था। इस बार विशेष और गौरवशाली बात यह रही कि हमारे लोकप्रिय विधायक दीपेश साहू की शादी भी उसी मंच से हुई, जिन्होंने पूरे समाज को फिजूलखर्ची के खिलाफ एक बहुत बड़ा और सकारात्मक मैसेज देने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया, “चूंकि अचानक मौसम बदलने से तेज हवाओं के कारण टेंट-पंडाल अस्त-व्यस्त हो गया था, इसलिए विकल्प के तौर पर पुराना विश्राम गृह मौजूद था। हालांकि, कुछ अधिकारियों का सुझाव यह भी आया था कि पास ही स्थित माहेश्वरी समाज का भवन ज्यादा बड़ा और सुविधायुक्त है। उस समय कलेक्टर ने मुझसे पूछा था कि क्या करें, फिर मेरे स्वयं के कहने पर ही विश्राम गृह में संक्षिप्त आयोजन संपन्न हुआ।” बहरहाल, मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था और इंतजामों में हुई इस भारी चूक के पूरे मामले में कमिश्नर को निष्पक्ष इन्क्वायरी करने के कड़े आदेश दे दिए गए हैं। अब देखना होगा कि जांच की यह आंच किन अधिकारियों पर गिरती है, लेकिन तब तक छत्तीसगढ़ में इस प्रशासनिक चूक की आड़ में छिड़ा (CG Political War) थमने का नाम नहीं ले रहा है।
डॉक्टर साहब का ग़ुस्सा बता रहा है कि सरकार की सेहत ख़राब है.
लेकिन दिक़्क़त ये है कि डॉक्टर साहब परहेज़ मरीज़ को बताने की बजाय तीमारदार को बता रहे हैं.
वैसे, विधानसभा अध्यक्ष जी जिस प्रकार से मुख्यमंत्री के सम्मान की रक्षा कर रहे हैं, वो देखना सुखद है. pic.twitter.com/FLl02Bmpmo
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) June 1, 2026




