सीजी भास्कर, 1 जून। जिला प्रशासन रायपुर की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ को अंगदान और देहदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका ने परियोजना के सफल संचालन और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले दानदाताओं का भी सम्मान किया गया। (Project Dadhichi Raipur Award)
अंगदान को बताया महादान : Project Dadhichi Raipur Award
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि अंगदान वास्तव में महादान है। इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें और कई जिंदगियों को बचाने में योगदान दे सकें।
देहदान से चिकित्सा शिक्षा को मिलता है बल
राज्यपाल ने देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्यों के लिए बेहद उपयोगी है। मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना और उपचार प्रक्रियाओं को समझने में सहायता मिलती है, वहीं शोध कार्यों को भी नई दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने इसे समाज के लिए एक अमूल्य योगदान बताया।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू हुई पहल
प्रोजेक्ट दधीचि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करना तथा दानदाताओं और उनके परिवारों को सम्मानित कर समाज में सकारात्मक संदेश देना है।
86 लोगों ने लिया महादान का संकल्प : Project Dadhichi Raipur Award
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 86 लोगों ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लिया है। इनमें 65 लोगों ने पूर्ण देहदान और 21 लोगों ने अंगदान के लिए अपनी सहमति देकर मानवता की सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जागरूकता से बदल रही सामाजिक सोच
प्रोजेक्ट दधीचि की सफलता यह साबित करती है कि प्रशासनिक प्रयास, जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से संवेदनशील विषयों पर भी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। यह पहल न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान (Project Dadhichi Raipur Award) का माध्यमबन रही है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।




