सीजी भास्कर, 02 जून : छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील सिटी से गर्मी के इस मौसम में एक बेहद दर्दनाक और आंखें खोल देने वाला बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ छावनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कैंप-1 इलाके में चालू कूलर में पानी भरते समय एक 49 वर्षीय श्रमिक करंट की चपेट में आ गया। हाई-वोल्टेज करंट का झटका इतना तगड़ा था कि अस्पताल ले जाने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस अचानक हुए हादसे से मृतक के हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि वह अपने घर का इकलौता कमाऊ जरिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और इस दुखद (CG Accidental Death Case) के कारणों की बारीकी से तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
सुबह-सुबह काल बना लोहे का कूलर
यह पूरी घटना भिलाई के कैंप-1 स्थित प्रसिद्ध त्रिदशेश्वर मंदिर के पास की है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यहाँ रहने वाले 49 वर्षीय संतोष कुमार यादव सोमवार की सुबह अपने घर में रोजमर्रा की तरह काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। भीषण गर्मी और उमस से बचने के लिए घर में लोहे का बड़ा कूलर चल रहा था। संतोष जैसे ही कूलर के भीतर पानी का डिब्बा लेकर पानी भरने लगे, अचानक कूलर की बॉडी में उतर रहे कड़कड़ाते करंट ने उन्हें बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
संतोष के चिल्लाने की आवाज सुनकर कमरे में मौजूद परिवार के अन्य लोग तत्काल मौके पर दौड़े। घर वालों ने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले मुख्य बिजली बोर्ड का स्विच बंद किया और फिर संतोष को कूलर से अलग किया। परिजन बिना समय गंवाए उन्हें तत्काल गंभीर हालत में सुपेला स्थित शास्त्री अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच करते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, करंट लगने के कुछ ही मिनटों के भीतर उनके आंतरिक अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। इस अकाल मौत ने पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा दिया है और हर कोई इस (CG Accidental Death Case) से हैरान है।
परिवार का एकमात्र सहारा छिन गया
इस दर्दनाक हादसे ने यादव परिवार को कभी न भरने वाला गहरा जख्म दिया है। मृतक संतोष कुमार यादव पेशे से एक सीधे-सरल मजदूर थे और रोज कुआं खोदकर पानी पीने वाले परिवार के एकमात्र मुख्य कमाने वाले मुखिया थे। उनके कंधों पर ही पूरे परिवार के भरण-पोषण, मकान के खर्च और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की पूरी जिम्मेदारी टिकी हुई थी। संतोष के अचानक चले जाने से उनकी पत्नी और तीन बेटों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। अस्पताल परिसर में बदहवास पत्नी और बेटों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिन्हें ढांढस बंधाने वाला भी कोई नजर नहीं आ रहा था। घटना की खबर मिलते ही छावनी थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।




