सीजी भास्कर, 02 मई। चर्चित मौत मामले में मंगलवार को हुए घटनाक्रम ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच (Twisha Sharma Case) लिया। अदालत परिसर के बाहर से लेकर सोशल मीडिया तक पूरे मामले को लेकर चर्चा का दौर चलता रहा। जांच एजेंसी की कार्रवाई और अदालत में पेशी को लेकर दिनभर हलचल बनी रही।
मामले से जुड़े हर नए अपडेट पर लोगों की नजर टिकी हुई है। पांच दिन की पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद महत्वपूर्ण फैसला सामने आया। इसके बाद जांच की दिशा को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
चौदह दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश : Twisha Sharma Case
ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी ने इस दौरान आगे की रिमांड की मांग नहीं की।
सोलह जून तक जेल में रहेंगे आरोपी
अदालती आदेश के बाद समर्थ सिंह और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को 16 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। दोनों को भोपाल केंद्रीय जेल में रखा जाएगा।
अन्य कैदियों से अलग होगी व्यवस्था
मिली जानकारी के अनुसार मां बेटे को जेल में अन्य बंदियों से अलग रखा जाएगा। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
ससुराल पहुंची थी जांच टीम
इससे पहले सोमवार को जांच एजेंसी की टीम भोपाल के कटारा हिल्स स्थित आवास (Twisha Sharma Case) पहुंची थी। टीम ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण करने के लिए मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ एक डमी मॉडल भी मौजूद था, जिसकी मदद से घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया गया।
घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश
जांच के दौरान टीम दोनों आरोपियों को भी उनके घर लेकर पहुंची थी। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि घटना किस स्थान पर हुई और उसके बाद क्या परिस्थितियां बनीं। उपलब्ध बयानों और तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का क्रमवार पुनर्निर्माण किया गया।
पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक समर्थ सिंह ने बताया कि उसने फंदे से नीचे उतारने का काम किया था, जबकि गिरिबाला सिंह ने फंदे की गांठ खोली (Twisha Sharma Case) थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।




