सीजी भास्कर, 04 जून : राजनांदगांव जिले के नवगठित नगर पंचायत घुमका (Congress Victory in Ghumka) के चुनाव परिणामों ने दिलचस्प राजनीतिक तस्वीर पेश की है। अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज करते हुए बड़ा उलटफेर किया है, जबकि पार्षद चुनाव में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने भाजपा उम्मीदवार को 85 मतों से पराजित कर नगर पंचायत घुमका की पहली अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया।
घुमका नगर पंचायत के चुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में कांग्रेस की फूलमती वर्मा ने मतदाताओं का भरोसा जीतते हुए जीत दर्ज की। इस जीत के साथ कांग्रेस ने नवगठित नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया।
भाजपा के दिग्गजों की मेहनत नहीं आई काम
घुमका नगर पंचायत चुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और पूर्व महापौर मधुसूदन यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार अभियान की कमान संभाली थी।
इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद जीतने में सफल नहीं हो सकी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय मुद्दों और कांग्रेस के जमीनी अभियान का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया।
पार्षद चुनाव में भाजपा की मजबूत पकड़
अध्यक्ष पद पर हार के बावजूद भाजपा ने पार्षद चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए परिषद में बहुमत हासिल कर लिया। 15 वार्डों वाली नगर पंचायत में भाजपा उम्मीदवारों को व्यापक समर्थन मिला।
पार्षद चुनाव परिणाम
- भाजपा – 10 वार्ड
- कांग्रेस – 3 वार्ड
- निर्दलीय – 1 वार्ड
पार्षद चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि परिषद में भाजपा का दबदबा रहेगा, जबकि अध्यक्ष पद कांग्रेस के पास होगा।
कांग्रेस की जीत में इन नेताओं की रही अहम भूमिका
कांग्रेस की जीत के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जनसभा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता नवाज खान की सक्रियता, विधायक हर्षित बघेल की रणनीति और लगातार चलाए गए जनसंपर्क अभियान ने भी चुनाव परिणाम को प्रभावित किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय मुद्दों, विकास के वादों और संगठन की एकजुटता ने फूलमती वर्मा की जीत का रास्ता आसान बनाया।
विकास कार्यों में तालमेल होगी सबसे बड़ी चुनौती
नगर पंचायत की कमान अब अध्यक्ष फूलमती वर्मा के हाथों में होगी, लेकिन परिषद में भाजपा बहुमत की स्थिति में रहेगी। ऐसे में विकास कार्यों, बजट प्रस्तावों और विभिन्न योजनाओं की मंजूरी के लिए अध्यक्ष और परिषद के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर पंचायत के विकास और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कांग्रेस नेतृत्व वाली अध्यक्ष और भाजपा बहुमत वाली परिषद के बीच तालमेल सबसे बड़ा मुद्दा होगा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों पक्ष विकास के मुद्दों पर किस तरह साथ काम करते हैं।




