सीजी भास्कर, 05 जून। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा फैसले ने घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों और रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। बाजार में पिछले कई दिनों से इस बात को लेकर चर्चा थी कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद संपत्ति बाजार से जुड़े लोगों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में स्थिरता से लोगों का भरोसा बना रहेगा और आवास क्षेत्र की रफ्तार पर भी असर नहीं पड़ेगा। यही वजह है कि इस फैसले को रियल एस्टेट उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रेपो दर को रखा गया यथावत : Repo Rate
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी समीक्षा बैठक में रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक फिलहाल महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों के असर का आकलन कर रहा है।
बाजार को पहले से थी उम्मीद
अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कई विशेषज्ञों ने पहले ही रेपो दर को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की संभावना जताई थी।
घर खरीदारों को होगा फायदा
रियल एस्टेट क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि ब्याज दरों में स्थिरता रहने से आवास ऋण की लागत पर अतिरिक्त दबाव नहीं बढ़ेगा। इससे घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों का विश्वास मजबूत होगा और मांग बनी रहेगी।
रियल एस्टेट बाजार में बढ़ सकती है बिक्री
विशेषज्ञों के मुताबिक यह फैसला आवास क्षेत्र में सकारात्मक माहौल (Repo Rate) बनाए रखने में मदद करेगा। मिड सेगमेंट और प्रीमियम श्रेणी के घरों की बिक्री में आने वाले समय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
डेवलपर्स को भी मिलेगी राहत
रियल एस्टेट कंपनियों का मानना है कि स्थिर ब्याज दरों से परियोजनाओं की वित्तीय योजना बनाना आसान होगा। इससे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने और नए निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आगे की नीति पर रहेगी नजर
हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए आने वाले महीनों में केंद्रीय बैंक की नीति पर सबकी नजर (Repo Rate) बनी रहेगी। फिलहाल मौजूदा फैसला अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए संतुलित कदम माना जा रहा है।




