सीजी भास्कर, 06 जून : खरीफ सीजन से पहले किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद (Fertilizer Black Marketing ) उपलब्ध कराने और उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने जांजगीर-चांपा जिले में बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय निरीक्षण के दौरान उर्वरक भंडारण और वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर 1372 बोरी खाद जब्त कर ली गई। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले के खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को उचित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निजी कृषि केंद्रों और खाद विक्रेताओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विकासखंड नवागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में की गई जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में उर्वरक जब्त कर लिया।
दो उर्वरक विक्रेताओं के यहां मिली अनियमितताएं
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि जिले के दो निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में निरीक्षण के दौरान उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए विकासखंड नवागढ़ के ग्राम पोड़ी स्थित मेसर्स सुरेश कुमार अग्रवाल के गोदाम से 1000 बोरी सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) और 272 बोरी एनपीके खाद जब्त की गई।
इसी तरह ग्राम तुस्मा स्थित मेसर्स पटेल खाद भंडार से 100 बोरी यूरिया जब्त की गई। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध स्टॉक, रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की, जिसमें कई विसंगतियां सामने आईं।
नहीं मिले खरीद बिल, स्टॉक रजिस्टर भी अधूरा
जांच के दौरान संबंधित विक्रेताओं द्वारा उर्वरकों की खरीद से जुड़े आवश्यक बिल और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके अलावा कई स्थानों पर स्टॉक रजिस्टर का नियमित संधारण नहीं पाया गया। अधिकारियों ने जब पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन में दर्ज उर्वरक की मात्रा का मिलान गोदाम में मौजूद स्टॉक से किया तो दोनों में स्पष्ट अंतर पाया गया।
कृषि विभाग के अनुसार यह स्थिति उर्वरकों की अवैध जमाखोरी और संभावित कालाबाजारी की आशंका को दर्शाती है। इसी आधार पर गोदामों में रखे गए उर्वरकों को तत्काल जब्त कर लिया गया और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
किसानों को खाद की कमी नहीं होने देगा विभाग
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में उर्वरकों की कृत्रिम कमी पैदा करने या कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिलेभर में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन या खाद की अवैध जमाखोरी पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग किसानों के हितों की रक्षा और कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निगरानी अभियान रहेगा जारी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने के मद्देनजर सभी निजी कृषि केंद्रों, खाद भंडारों और वितरण केंद्रों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। विभागीय टीमों को स्टॉक सत्यापन, दस्तावेज जांच और पीओएस रिकॉर्ड की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले और खाद की कालाबाजारी में लिप्त पाए जाने वाले कारोबारियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।




