सीजी भास्कर, 06 जून। बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया (Tejashwi Yadav) है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में बदलाव के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी बड़ा कदम उठाया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
सुरक्षा को लेकर उठे इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने सामने दिखाई दे रहे हैं। एक ओर विपक्ष इसे राजनीतिक कारणों से जुड़ा फैसला बता रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार का कहना है कि सुरक्षा संबंधी निर्णय निर्धारित प्रक्रियाओं और समीक्षा के आधार पर लिए जाते हैं।
लालू और राबड़ी के बाद तेजस्वी का फैसला : Tejashwi Yadav
पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav और पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi की सुरक्षा में बदलाव के बाद अब नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने भी अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह निर्णय सुरक्षा में की गई कटौती को लेकर नाराजगी जताते हुए लिया है।
विपक्ष ने सरकार पर लगाए आरोप
राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं का आरोप है कि विपक्ष के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पार्टी का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
सरकार ने दिया अपना पक्ष
राज्य सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा और तय मानकों के आधार पर किया गया है। सरकारी पक्ष के अनुसार सुरक्षा संबंधी फैसले पेशेवर आकलन के आधार पर लिए जाते हैं और इनमें राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता।
पार्टी प्रवक्ता ने उठाए सवाल
आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बाद अब तेजस्वी यादव ने भी सरकारी सुरक्षा वापस करने का फैसला लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है और यह चिंता का विषय है।
सुरक्षा समीक्षा के बाद हुआ बदलाव
हाल ही में हुई सुरक्षा समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिली जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा हटा (Tejashwi Yadav) दी गई थी। इसके बाद उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी बिहार पुलिस के जवानों को सौंप दी गई। हालांकि इस व्यवस्था पर विपक्ष ने असहमति जताई है।
तेजस्वी की सुरक्षा में नहीं हुआ बदलाव
जानकारी के अनुसार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा श्रेणी में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। उन्हें पहले की तरह वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उनकी राजनीतिक गतिविधियों और लगातार जनसंपर्क कार्यक्रमों को देखते हुए मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।
तेज प्रताप की सुरक्षा में भी कटौती
सुरक्षा समीक्षा का असर तेज प्रताप यादव पर भी पड़ा (Tejashwi Yadav) है। पहले उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत उन्हें केवल एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।



