सीजी भास्कर, 07 जून : छत्तीसगढ़ में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं (Social Security Pension) की राशि समय पर नहीं मिलने का मुद्दा अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अकबर ने राज्यपाल रमेन डेका को पत्र लिखकर लाखों पेंशनधारियों को बकाया राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अकबर ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश के करीब 22 लाख 70 हजार पेंशनधारी पिछले कई महीनों से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि नहीं मिलने से परेशान हैं। ऐसे में गरीब, वृद्ध और असहाय लोगों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
राज्यपाल से शक्तियों के प्रयोग का आग्रह
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि भारत सरकार से राशि प्राप्त होने तक किसी अन्य मद से पेंशनधारियों को भुगतान किया जाए। बाद में संबंधित राशि का समायोजन किया जा सकता है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि पूर्व में भी ऐसी व्यवस्था अपनाई जा चुकी है और जरूरतमंद लोगों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।
पांच महीने से भुगतान नहीं मिलने का दावा
अकबर ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन (Social Security Pension) समेत विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की राशि केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से दी जाती है। लेकिन लगभग पांच माह से भुगतान नहीं होने के कारण लाखों हितग्राहियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। कई लोगों के सामने आर्थिक संकट इतना गहरा गया है कि जीवन-यापन तक प्रभावित हो रहा है।
सुशासन तिहार में भी उठ रहा पेंशन का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार शिविरों में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों में बड़ी संख्या पेंशन भुगतान (Social Security Pension) से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि हजारों हितग्राही अपनी समस्याएं लेकर सरकारी कार्यालयों और शिविरों के चक्कर काट रहे हैं। अकबर ने मांग की कि सुशासन तिहार के दौरान ही लंबित पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
संवैधानिक प्रावधानों का भी दिया हवाला
राज्यपाल को लिखे पत्र में मोहम्मद अकबर ने संविधान के अनुच्छेद 154 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती है और वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से उसका प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने इसी आधार पर पेंशनधारियों के हित में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।



