सीजी भास्कर, 24 अप्रैल : बहुचर्चित कोयला घोटाले में निलंबित आइएएस रानू साहू (Ranu Sahu Coal Scam) को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने रानू साहू और उनके स्वजनों द्वारा दायर नौ अपीलों को खारिज कर दिया। ये याचिकाएं प्रवर्तन निदेशालय द्वारा संपत्तियों की कुर्की के आदेश के खिलाफ दायर की गई थीं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अपराध से अर्जित काली कमाई सीधे उपलब्ध नहीं है, तो ईडी उसके बराबर मूल्य की वैध संपत्तियों को भी कुर्क कर सकता है। रानू साहू (Ranu Sahu Coal Scam) की ओर से तर्क दिया गया था कि कई संपत्तियां वर्ष 2020 के कथित घोटाले से पहले खरीदी गई थीं, लेकिन ईडी ने कोर्ट को बताया कि आरोपित संपत्तियों के वैध आय स्रोत का स्पष्ट विवरण देने में असफल रहे ।
जांच में सामने आया कि प्रदेश में कोयला परिवहन के लिए प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली का सिंडिकेट संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि कोरबा और रायगढ़ में कलेक्टर रहते हुए रानू साहू ने इस सिंडिकेट को संरक्षण दिया और बदले में करीब 5.52 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस रकम को बेनामी संपत्तियां खरीदने में निवेश किया गया। जब्त की गई डायरी में सूर्यकांत तिवारी और रजनीकांत तिवारी के रिकॉर्ड में ‘आरएस’ और ‘रानू मैम’ के नाम से करोड़ों रुपये के लेन-देन की एंट्री भी मिली ।


