सीजी भास्कर, 24 अप्रैल : शिक्षकों के लिए हाई कोर्ट (OPS Pension Rule) का यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने शिक्षक राजेंद्र प्रसाद पटेल के मामले में राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) में पूर्व सेवा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और पेंशन निर्धारण में इसे शामिल करना होगा।
चिरमिरी नगर निगम में पदस्थ शिक्षक राजेंद्र प्रसाद पटेल ने हाई कोर्ट (OPS Pension Rule) में याचिका दायर कर संविलियन से पूर्व की सेवा को ओपीएस में जोड़ने की मांग की थी। उनका कहना था कि संविलियन के बाद भी उनकी पूर्व सेवा को पेंशन गणना में शामिल नहीं किया जा रहा है। सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश दिया था कि पूर्व सेवा को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने पर विचार कर 120 दिनों में निर्णय लिया जाए।
सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान सरकार ने संविलियन की शर्तों का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन का निर्धारण उन्हीं शर्तों के आधार पर किया जाना चाहिए।
डिवीजन बेंच ने सरकार की दलील खारिज करते हुए कहा कि जब संविलियन के दौरान पूर्व सेवा की गणना को मान्यता दी गई है, तो पुरानी पेंशन योजना में उसे शामिल करने में कोई बाधा नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्व सेवा को नजरअंदाज करना न्यायसंगत नहीं होगा और पेंशन निर्धारण उसी आधार पर किया जाए।


