CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case : हाईकोर्ट ने 7 साल की सजा रद्द की

Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case : हाईकोर्ट ने 7 साल की सजा रद्द की

By Newsdesk Admin
08/06/2026
Share

सीजी भास्कर, 08 जून। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से घिरी एक सास को बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की साल 2010 में सुनाई गई 7 साल के सश्रम कारावास की सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि बहू को मौत से ठीक पहले दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था। (Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case)

Contents
  • 2010 में कोर्ट ने सुनाई थी सजा
  • हाईकोर्ट में बचाव पक्ष के तर्क : Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case
  • हाईकोर्ट का फैसला और टिप्पणी
  • मेडिकल रिपोर्ट में बॉथरूम में गिरने का जिक्र : Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case
  • निचली अदालत ने साक्ष्यों का बारीकी से मूल्यांकन नहीं किया

यह अहम फैसला न्यायमूर्ति रजनी दुबे की एकल पीठ ने आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए सुनाया। निचली अदालत ने आरोपी सास को दोषी मानते हुए 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।

2006 में हुई थी महिला की शादी :Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case

अभियोजन के अनुसार, यह मामला दुर्ग का है। सोनल का विवाह 18 जून 2006 को मनीष के साथ हुआ था। शादी के लगभग 6 महीने बाद ही 21 दिसंबर 2006 को सोनल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

मृतका के मायके पक्ष (पिता, माता और भाई) ने आरोप लगाया था कि शादी के कुछ दिनों बाद ही सोनल की सास शशिकला बाफना ने दहेज के प्रति नाखुशी जताते हुए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।

2010 में कोर्ट ने सुनाई थी सजा

आरोप था कि, पति को कोलकाता में नौकरी मिलने के बावजूद सास ने सोनल को तब तक कोलकाता भेजने से मना कर दिया, जब तक वह मायके से 10 से 15 लाख रुपए नहीं ले आती।

अभियोजन के मुताबिक, घटना के दिन (21 दिसंबर 2006) सुबह सास ने सोनल से मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद सोनल अपने मायके पहुंची और शाम को उसने मायके की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। मार्च 2010 में 12वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) दुर्ग ने आरोपी सास को सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट में बचाव पक्ष के तर्क : Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case

अपीलकर्ता (सास) के वकील ने अदालत में दलील दी कि, घटना के 5 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसका कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। मेडिकल साक्ष्यों (अस्पताल के पर्चों) के अनुसार, शुरुआत में परिजनों ने ही डॉक्टर को बताया था कि सोनल बाथरूम में गिरने के कारण घायल हुई है।

पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर के बयान से भी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि यह हत्या थी, आत्महत्या थी या महज एक दुर्घटना। मृतका के माता-पिता और भाई ने स्वीकार किया कि आरोपी सास ने कभी भी उनके सामने सीधे तौर पर पैसों या दहेज की मांग नहीं की थी। जो भी बातें थीं, वे केवल सोनल के कहे अनुसार सुनी-सुनाई थीं।

हाईकोर्ट का फैसला और टिप्पणी

जस्टिस रजनी दुबे की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों (जैसे शूर सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य) का हवाला देते हुए कहा कि किसी मामले को ‘दहेज मृत्यु’ (धारा 304-बी) के तहत लाने के लिए यह साबित करना अनिवार्य है कि मौत से ठीक पहले महिला को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया हो।

मेडिकल रिपोर्ट में बॉथरूम में गिरने का जिक्र : Mother-in-law acquitted in daughter-in-law suicide case

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कई मुख्य बातें रेखांकित कीं। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि सोनल की मौत छत से कूदने के कारण ही हुई थी, क्योंकि शुरुआती मेडिकल रिकॉर्ड में बाथरूम में गिरने का जिक्र था।

निचली अदालत ने साक्ष्यों का बारीकी से मूल्यांकन नहीं किया

गवाहों के बयानों से केवल यह पता चलता है कि सास-बहू के बीच सामान्य झगड़े होते थे, लेकिन मौत से ठीक पहले दहेज के लिए क्रूरता की बात साबित नहीं होती। हाईकोर्ट ने कहा कि सत्र न्यायालय ने साक्ष्यों का बारीकी से मूल्यांकन नहीं किया और गलत निष्कर्ष पर पहुंचकर दोषसिद्धि का आदेश पारित कर दिया, जो कानूनन टिकने योग्य नहीं है।

उच्च न्यायालय ने आरोपी सास की अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत के 17 मार्च 2010 के आदेश को निरस्त कर दिया और उन्हें सभी आरोपों से ससम्मान बरी कर दिया।

K Bhagyaraj death : तमिल सिनेमा को बड़ा झटका, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
Cannabis smuggling of bananas : केलों की आड़ में गांजा तस्करी का खुलासा, 4.5 करोड़ का माल जब्त- आरोपी गिरफ्तार
Blacklisted medicine controversy : गुजरात में ब्लैकलिस्ट दवा पर विधानसभा में बवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
Deepesh Sahu mass marriage : CM कन्या विवाह योजना में BJP विधायक की शादी पर सियासत, कांग्रेस ने उठाए सवाल
Theft Case : चौकीदार ने ही रची चोरी की साजिश, भाई संग पार की मशीन, फिर पुलिस को सुनाई झूठी कहानी
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Raigarh Police Awareness Campaign 
Raigarh Police Awareness Campaign : स्कूली छात्रों को पुलिस ने पढ़ाया सुरक्षा का पाठ

Raigarh Police Awareness Campaign : बच्चों, महिलाओं और…

Yogi Adityanath
Yogi Adityanath : गोरखपुर से क्यों गरजे मुख्यमंत्री योगी, आस्था और नौजवानों को लेकर विपक्ष पर साधा बड़ा निशाना

मंच से उन्होंने प्रदेश के विकास, कानून व्यवस्था…

Paper Leak
Paper Leak : पेपर लीक पर क्या निकलेगा समाधान, बातचीत का खुला प्रस्ताव भी नहीं बदल सका प्रदर्शनकारियों का रुख

दिल्ली में पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन…

Jana Nayagan
Jana Nayagan : विजय की आखिरी फिल्म को लेकर बंट गई राय, किसी ने बताया शानदार तो किसी ने गिनाईं बड़ी कमियां

सुपरस्टार से नेता बने विजय की आखिरी फिल्म…

Mother-Son Death
Mother-Son Death : मां के अंतिम संस्कार से पहले बेटे की हार्ट अटैक से मौत, एक ही घर से उठी दोनों की अर्थी

सीजी भास्कर, 23 जुलाई : जिस बेटे को…

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?