सीजी भास्कर, 09 जून : क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध रेत उत्खनन (Illegal Sand Mining) की शिकायतों के बीच भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने एक बार फिर रेत माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चारामा क्षेत्र के हाराडुला रेतघाट में देर रात अचानक पहुंचकर विधायक ने अवैध उत्खनन की स्थिति का जायजा लिया। कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे नाराज विधायक देर रात करीब 2 बजे तक धरने पर बैठी रहीं।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार विधायक को सूचना मिली थी कि हाराडुला रेतघाट में रात के अंधेरे में मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही वे समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचीं। हालांकि विधायक की दबिश की भनक लगते ही वाहन चालक और मशीन ऑपरेटर मौके से फरार हो गए।
खनिज विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
विधायक ने मौके से ही खनिज विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन देर रात तक किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन (Illegal Sand Mining) की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है। धरने के दौरान विधायक ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद हैं और अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, तब भी विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।
पहले भी कर चुकी हैं कार्रवाई
यह पहला अवसर नहीं है जब विधायक सावित्री मंडावी ने अवैध खनन (Illegal Sand Mining) के खिलाफ सीधे मोर्चा संभाला हो। इससे पहले दुर्गूकोंदल क्षेत्र में भी अवैध खनन की शिकायत पर वे कई घंटों तक धरने पर बैठी थीं। उस मामले में प्रशासन को कार्रवाई करते हुए कई वाहनों और मशीनों को जब्त करना पड़ा था। विधायक लगातार यह आरोप लगाती रही हैं कि अवैध रेत उत्खनन से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और स्थानीय संसाधनों का दोहन किया जा रहा है।
प्रशासन को पहले ही दी थी चेतावनी
कुछ दिन पहले विधायक ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने पत्र में स्पष्ट कहा था कि क्षेत्र के ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहा है। विधायक का कहना है कि यदि प्रशासन सक्रिय नहीं हुआ तो वे स्वयं मौके पर पहुंचकर निगरानी और विरोध जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी तत्वों की सक्रियता के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है।
बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों ने बढ़ाई चिंता
मामले में एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच नाकों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। इन कैमरों का उद्देश्य रेत परिवहन और अवैध गतिविधियों की निगरानी करना था, लेकिन कैमरे बंद होने से रेत माफियाओं को फायदा मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि निगरानी तंत्र पूरी तरह सक्रिय होता तो अवैध परिवहन और उत्खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती थी।
पुलिस पहुंची, कार्रवाई का मिला भरोसा
धरना और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने विधायक को अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



