अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 24 घंटों में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दोनों देशों के बीच हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। अमेरिका का दावा है कि हेलीकॉप्टर ईरानी ड्रोन की वजह से क्रैश हुआ, जबकि ईरान ने इस आरोप को खारिज किया है।
अमेरिका और ईरान की जवाबी सैन्य कार्रवाई
हेलीकॉप्टर हादसे के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। हमलों में केशम द्वीप, होर्मुज, जास्क, सिरिक, बंदर अब्बास और बुशहर जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। अमेरिका ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा का कदम बताया है।
वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है।
युद्ध की आशंका और बढ़ी चिंताएं
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। दोनों देशों के बीच पहले हुए युद्धविराम की स्थिति कमजोर पड़ती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर दबाव बनाए रखने की बात कही है, जबकि ईरान ने किसी भी कार्रवाई का जवाब देने की चेतावनी दी है।
लगातार हो रहे सैन्य हमलों और तीखे बयानों के बीच पश्चिम एशिया में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है और तनाव कम करने की अपील कर रहा है।



