सीजी भास्कर, 12 जून : छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस (Youth Congress Election) के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। प्रदेश भर से 35 से अधिक दावेदार इंटरव्यू के लिए दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंच चुके हैं। इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची तय की जाएगी, जिसके बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
युवा कांग्रेस के इस चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस के भीतर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। विभिन्न गुटों और नेताओं के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। हालांकि कांग्रेस नेता इसे संगठनात्मक लोकतांत्रिक प्रक्रिया बता रहे हैं।
विनयशील और शैलेंद्र बंजारे के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
प्रदेश अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विनयशील का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के सवाल पर विनयशील को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
विनयशील उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में नगर पंचायत चुनाव में जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उनकी संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक सक्रियता को प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी देने के पक्ष में बताए जा रहे हैं।
दूसरी ओर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के समर्थक खेमे से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे का नाम तेजी से उभर रहा है। संगठन के भीतर यह चर्चा है कि शैलेंद्र बंजारे को युवा कार्यकर्ताओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है और वे भी प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में मजबूत दावेदारों में शामिल हैं।
भूपेश-देवेंद्र नाराजगी की चर्चा पर दिया जवाब
प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक देवेंद्र यादव के बीच कथित नाराजगी की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं। हालांकि देवेंद्र यादव ने ऐसी किसी भी बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक चर्चाएं हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं, लेकिन संगठनात्मक चुनावों में सीधे हस्तक्षेप नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा कांग्रेस का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होती है।
NSUI से राजनीति में आने का दिया उदाहरण
देवेंद्र यादव ने कहा कि वे स्वयं छात्र राजनीति और NSUI चुनावों के माध्यम से राजनीति में आए हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने हमेशा युवाओं को अवसर देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान अलग-अलग लोग अपने पसंदीदा उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं, लेकिन इसका गुटबाजी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विचारधारा से जुड़े युवा ही संगठन में आगे आते हैं और पार्टी को मजबूत बनाने का काम करते हैं।
सदस्यता अभियान पर रहेगा फोकस
देवेंद्र यादव ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सदस्यता अभियान को मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी युवा साथी पूरी ताकत से सदस्यता अभियान चलाएं और संगठन को मजबूत बनाएं। जो भी पदाधिकारी चुने जाएंगे, उनकी जिम्मेदारी संगठन और जनता के हित में काम करने की होगी।
सामाजिक संतुलन भी रहेगा अहम
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल 35 से अधिक दावेदारों में सामान्य वर्ग के अलावा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिला और अल्पसंख्यक वर्ग के उम्मीदवार भी शामिल हैं। कांग्रेस संगठन सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतिम नामों पर विचार कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद अंतिम मुकाबला दो से तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सिमट सकता है।



