सीजी भास्कर, 16 जून : रायगढ़ वनमंडल के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत चारमार गांव के समीप सोमवार को एक जंगली हाथी मालगाड़ी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया (Elephant Train Accident)। हादसे के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। घायल हाथी के एक पैर में गहरी चोट आई है और उसके शरीर से लगातार रक्तस्राव हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। रात में बिलासपुर से मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय और कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पीके चंदन को लेकर विशेष टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
जानकारी के अनुसार हाथियों का छह सदस्यीय दल रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान वहां से एक मालगाड़ी गुजर रही थी। हाथियों के झुंड को देखकर चालक ने लगातार हॉर्न बजाया। हॉर्न की आवाज सुनकर पांच हाथी तो सुरक्षित ट्रैक पार कर गए, लेकिन एक हाथी मालगाड़ी की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद घायल हाथी रेलवे ट्रैक के आसपास ही मौजूद रहा, जबकि उसके साथ पांच अन्य हाथियों का दल भी उसी क्षेत्र में डटा हुआ है। हाथियों की मौजूदगी के कारण आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके की ओर पहुंचने लगे, लेकिन वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
वन विभाग का अमला घटनास्थल पर पहुंच चुका है, लेकिन हाथियों का पूरा दल आसपास मौजूद होने के कारण राहत और उपचार कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वनकर्मी फिलहाल सुरक्षित दूरी से घायल हाथी की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि झुंड के शांत होने के बाद ही उपचार और रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
वनमंडलाधिकारी ने घटना की जानकारी मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय को दी, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पीके चंदन के साथ रायगढ़ के लिए रवाना हुए। डॉ. चंदन वन्यजीव उपचार और रेस्क्यू कार्यों के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
हाथियों के आक्रामक होने का खतरा
वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है, लेकिन अधिकारियों की चिंता हाथियों के झुंड को लेकर बनी हुई है। विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वन अधिकारियों के अनुसार जंगली हाथियों का व्यवहार किसी भी समय आक्रामक हो सकता है, जिससे जनहानि की आशंका बढ़ सकती है।
छह माह में 10 हाथी शावकों की मौत से बढ़ी चिंता
पिछले छह माह के दौरान रायगढ़ और धर्मजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में करीब 10 हाथी शावकों की मौत हो चुकी है। ऐसे में चारमार के पास हुई यह घटना वन्यजीव संरक्षण के लिए नई चिंता लेकर आई है (Elephant Train Accident)। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त हाथी अवयस्क प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि चिकित्सकीय परीक्षण और वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
लगातार हो रही हाथियों की मौतों और रेल मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।





