सीजी भास्कर, 18 जून : दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिलने पर जिंदगी (NRLM Success Story) की दिशा कैसे बदल सकती है, इसका प्रेरक उदाहरण विकासखंड बीजापुर के ग्राम दुगोली की निवासी संगीता जुरी हैं। कभी खेती और मजदूरी पर निर्भर रहने वाली संगीता आज अपने सिलाई व्यवसाय के दम पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम दुगोली में रहने वाली संगीता जुरी का परिवार पहले खेती और दिहाड़ी मजदूरी से होने वाली सीमित आय पर निर्भर था। बढ़ती जरूरतों और आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपने जीवन में बदलाव लाने का निर्णय लिया। इसी सोच के साथ 4 अप्रैल 2024 को वे रोस स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं।
समूह की नियमित बैठकों में शामिल होने के दौरान उन्हें बचत, आंतरिक ऋण, वित्तीय प्रबंधन और स्वरोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इसी दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत उन्हें सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सिलाई कार्य की बारीकियां सीखीं और इसे रोजगार का माध्यम बनाने का संकल्प लिया।
व्यवसाय शुरू करने के लिए संगीता ने ग्राम संगठन से सीआईएफ (CIF) के माध्यम से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने सिलाई केंद्र की स्थापना की और अपने हुनर को व्यवसाय का रूप दिया। मेहनत, गुणवत्ता और ग्राहकों के भरोसे के बल पर उनका सिलाई केंद्र धीरे-धीरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहचान बनाने लगा।
आज संगीता जुरी प्रतिदिन लगभग 1500 से 2000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर रही हैं, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने उनके आत्मविश्वास को भी नई मजबूती दी है।
महिला सशक्तिकरण की बनी प्रेरक कहानी
संगीता की सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं में भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के प्रति विश्वास पैदा किया है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
NRLM बदल रहा ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और आसान वित्तीय सहायता देने की पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। संगीता जुरी की कहानी इसी परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है, जहां एक साधारण गृहिणी आज सफल उद्यमी बनकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रही है।





