रिपोर्टर : आशुतोष सिंह ठाकुर
सीजी भास्कर, 18 जून : मानसून की आमद और बदलते मौसम के बीच प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान (CG Disaster Management Apps ) को न्यूनतम करने के लिए गरियाबंद जिला प्रशासन ने एक बड़ी तैयारी शुरू की है। बाढ़, आकाशीय बिजली (गाज गिरना), वनों की आग (दावानल) और भीषण लू जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों को समय रहते अलर्ट करने और पूर्व चेतावनी देने के लिए भारत सरकार द्वारा विकसित किए गए तीन विशेष मोबाइल एप्लीकेशन– ‘सचेत’ (Sachet), ‘दामिनी’ (Damini) और ‘मेघदूत’ (Meghdoot) के व्यापक उपयोग की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने इस आधुनिक तकनीक को हर घर तक पहुंचाने के लिए मैदानी अमले को विशेष निर्देश जारी किए हैं।
सरपंच, पटवारी से लेकर आशा कार्यकर्ताओं को ऐप डाउनलोड करने के निर्देश
प्रशासन ने इस डिजिटल सुरक्षा कवच को ग्रामीण स्तर तक मजबूत करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के तहत पुलिस विभाग, नगर सेना (होमगार्ड), जिला एवं तहसील स्तर के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से इन ऐप्स का उपयोग करने को कहा गया है।
इसके साथ ही, ग्रामीण इलाकों में सीधे जनता से जुड़े मैदानी अमले जैसे– ग्राम पंचायत स्तर के पटवारी, सरपंच, सचिव, स्कूलों के शिक्षक, कोटवार और स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ताओं सहित आम नागरिकों को भी अपने स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से इन तीनों ऐप्स को तुरंत डाउनलोड करने के लिए कहा गया है।
जानें, कौन सा ऐप किस आपदा में करेगा आपकी सुरक्षा
ये तीनों ऐप आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं, जिनका कार्य इस प्रकार है-
दामिनी ऐप (Damini App) : यह ऐप विशेष रूप से आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) गिरने की सटीक पूर्व चेतावनी देता है। आपके वर्तमान लोकेशन के आस-पास अगले कुछ मिनटों में कहाँ बिजली गिरने की संभावना है, यह ऐप अलार्म और नोटिफिकेशन के जरिए पहले ही सचेत कर देता है, जिससे खेत या खुले में काम कर रहे किसान और ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर शरण ले सकें।
सचेत ऐप (Sachet App) : केंद्र सरकार का यह एकीकृत ऐप विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं जैसे— भारी बारिश, अचानक आने वाली बाढ़, जंगलों की आग, चक्रवात और अत्यधिक तापमान (लू व हीटवेव) की रियल-टाइम चेतावनी और सरकारी गाइडलाइन सीधे आपके मोबाइल पर भेजता है।
मेघदूत ऐप (Meghdoot App) : यह ऐप विशेष रूप से किसानों और पशुपालकों के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श देता है। आगामी दिनों में मौसम कैसा रहेगा और आपदा की स्थिति में फसलों व मवेशियों को कैसे सुरक्षित रखना है, इसकी पूरी वैज्ञानिक जानकारी इस पर उपलब्ध होती है।
आपात स्थिति के लिए टोल फ्री नंबर 1070 और 112 का होगा प्रचार
जिला प्रशासन ने ऐप्स के साथ-साथ संकट के समय त्वरित सहायता, रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत-बचाव कार्यों के लिए जारी किए गए दो प्रमुख टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी कड़े निर्देश दिए हैं
टोल फ्री नंबर 1070 : यह राज्य स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष (Disaster Control Room) का विशेष नंबर है, जहाँ किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा की सूचना देकर तुरंत सरकारी मदद मंगवाई जा सकती है।
आपातकालीन नंबर 112 : यह राज्य की एकीकृत आपातकालीन सेवा (Emergency Response Support System) है, जिसके माध्यम से पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की मदद घटना स्थल पर कुछ ही मिनटों में पहुंचती है।
प्रशासन का संदेश : किसी भी विपरीत परिस्थिति या आपदा के समय नागरिक बिना किसी संकोच के इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर आवश्यक शासकीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस आधुनिक तकनीक आधारित ऐप और त्वरित हेल्पलाइन सेवाओं के साझा उपयोग से लोगों को समय पर सटीक चेतावनी मिलेगी, जिससे आपदा प्रबंधन एवं राहत-बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध बनाया जा सकेगा।





