सीजी भास्कर, 18 जून। छत्तीसगढ़ में नशामुक्त समाज बनाने की दिशा में सरकार की गतिविधियां लगातार तेज (Rehabilitation Center) हो रही हैं। गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को नशे से दूर रखने और प्रभावित व्यक्तियों को नई जिंदगी देने को लेकर कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में हुई एक अहम बैठक के बाद आने वाले समय की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं।
राजधानी में आयोजित बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि नशा मुक्ति अभियान को अब और व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। खासकर उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जहां अभी सुविधाएं सीमित हैं। इससे नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में हुई चर्चा : Rehabilitation Center
छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान और भारत माता वाहिनी योजना के प्रभावी संचालन को लेकर राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने की।
बैठक में समाज कल्याण विभाग के संचालक रणवीर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान अभियान की प्रगति, नशा प्रभावित लोगों के पुनर्वास और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
गांव स्तर तक बढ़ेगा अभियान
समिति ने पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की। साथ ही प्रत्येक विकासखंड की एक हजार से अधिक आबादी वाली नई ग्राम पंचायतों में भारत माता वाहिनी के गठन और विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नशामुक्ति अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक और अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर जागरूक किया जा सके।
बढ़ाई जाएगी केंद्रों की क्षमता
नशा प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए संचालित 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव समिति ने दिया। इसके साथ ही वर्तमान में संचालित केंद्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि जिन जिलों में ऐसे केंद्र उपलब्ध नहीं हैं, वहां उनकी स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पांच जिलों में खुलेंगे नए नशा मुक्ति केंद्र
बैठक में प्रदेश के पांच जिलों में नए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की दिशा में पहल करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़ छुईखदान गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा जिलों में नए केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों के शुरू होने से नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
निगरानी और पारदर्शिता पर जोर
समिति ने नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरा और बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की। माना गया कि इससे केंद्रों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक निगरानी व्यवस्था से सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा और व्यवस्थाओं पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
भविष्य की कार्ययोजना पर हुआ मंथन
बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों और खर्च की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, मानव संसाधन की जरूरत और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
समिति ने एनसीओआरडी और एनएमबीए के प्रभावी क्रियान्वयन में गठित समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए विभागीय समन्वय मजबूत करने, पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और जनजागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर चलाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।





