सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में Paralysis Treatment Fraud का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां लकवा से पीड़ित अपनी मां के इलाज के लिए बेहतर दवा की तलाश कर रहे एक युवक को दो अज्ञात व्यक्तियों ने झांसे में लेकर हजारों रुपये की चपत लगा दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब युवक ने खरीदी गई दवा के बारे में ऑनलाइन जानकारी जुटाई और उसे ठगी का एहसास हुआ। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार भखारा थाना क्षेत्र निवासी मनीष दीक्षित की माता लंबे समय से लकवा की बीमारी से पीड़ित हैं। उनकी सेहत में सुधार की उम्मीद लेकर मनीष विभिन्न उपचार विकल्पों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात दो अज्ञात व्यक्तियों से हुई, जिन्होंने खुद को आयुर्वेदिक दवाओं का जानकार बताते हुए लकवा के प्रभावी इलाज का दावा किया।
आरोपियों ने मनीष को विश्वास में लेते हुए बताया कि उनके पास ऐसी दवा है, जिसके नियमित सेवन से लकवा से पीड़ित मरीज को जल्द राहत मिल सकती है। मां की बीमारी को लेकर चिंतित मनीष ने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया और कथित दवा खरीदने के लिए लगभग 13 हजार रुपये का भुगतान कर दिया।
दवा खरीदने के बाद मनीष को कुछ संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने इंटरनेट और गूगल पर उस दवा के बारे में जानकारी तलाशनी शुरू की। ऑनलाइन उपलब्ध तथ्यों और जानकारियों से उन्हें पता चला कि जिस दवा को लकवा के इलाज के लिए प्रभावी बताया गया था, उसका इस बीमारी के उपचार से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद उन्हें समझ आया कि उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है।
ठगी का एहसास होने पर मनीष दीक्षित सीधे भखारा थाना पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन व्यक्तियों की पहचान करने और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों को अक्सर ऐसे ठग निशाना बनाते हैं, जो चमत्कारी इलाज और त्वरित लाभ का दावा करते हैं। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने और कितने लोगों को इसी तरह के झांसे में लिया है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी बीमारी के इलाज के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों और उनके परिजनों को केवल अधिकृत चिकित्सकों और प्रमाणित चिकित्सा संस्थानों की सलाह पर ही उपचार लेना चाहिए, ताकि इस तरह की Paralysis Treatment Fraud जैसी घटनाओं से बचा जा सके।





